बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तेंदूपत्ता परिवहन में अनियमितता का बड़ा मामला उजागर हुआ है। वन विभाग की टीम ने डौंडीलोहारा वन परिक्षेत्र में संबलपुर के पास घेराबंदी कर दो पिकअप वाहनों को रोका, जिनमें टीपी के मुकाबले अधिक तेंदूपत्ता पाया गया। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है।

संबलपुर के पास घेराबंदी में पकड़ी गई दो पिकअप
वन विभाग को तेंदूपत्ता की अवैध या संदिग्ध ढुलाई की सूचना मिली थी। इस पर टीम ने संबलपुर क्षेत्र में घेराबंदी की और दो पिकअप वाहनों को रोका। जांच के दौरान टीपी (ट्रांसपोर्ट परमिट) दस्तावेज तो सही पाए गए, लेकिन उसमें दर्ज मात्रा और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिला।
टीपी में दर्ज मात्रा से अधिक तेंदूपत्ता मिला
परिवहन अनुमति पत्र के मुताबिक जितना तेंदूपत्ता भेजा जाना था, उससे दो बोरे अधिक वाहनों में भरा मिला। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन था। विभाग ने अतिरिक्त मात्रा के आधार पर जुर्माना लगाते हुए वाहनों को सीज किया।
तेंदूपत्ता से भरी पिकअप जब्त
रायपुर की ट्रेडिंग कंपनी के लिए जा रहा था माल
जांच में पता चला कि यह तेंदूपत्ता रायपुर स्थित एक ट्रेडिंग कंपनी के लिए भेजा जा रहा था। विभाग आगे इस लिंक की भी जांच कर रहा है कि अतिरिक्त माल किसकी जानकारी में भरा गया था और इसका उद्देश्य क्या था।
वन विभाग का सख्त रुख
डीएफओ के अनुसार दस्तावेजों की जांच में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई, लेकिन भौतिक गिनती में अतिरिक्त बोरे मिलने के कारण नियमानुसार कार्रवाई की गई है। अधिकारी ने साफ कहा कि ‘हरा सोना’ यानी तेंदूपत्ता के परिवहन में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
