बिलासपुर: रेलवे बोर्ड 30 हजार पदों को सरेंडर किए जाने के निर्णय के विरोध में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मजदूर संघ बिलासपुर मंडल ने गुरुवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया. भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आह्वान पर आयोजित आंदोलन में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी और पदाधिकारी जोन ऑफिस के पास धरने में शामिल हुए.

भारतीय रेलवे मजदूर संघ का विरोध प्रदर्शन
संघ के मुताबिक मई 2026 से 29 मई 2026 तक शाखा, मंडल एवं जोन स्तर पर काला पट्टी बांधकर विरोध पखवाड़ा मनाया जा रहा है. इस क्रम में बिलासपुर मंडल में सभा सहित प्रदर्शन का आयोजन भी किया गया. कार्यक्रम में भारतीय रेलवे मजदूर संघ के राष्ट्रीय महामंत्री संतोष पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे.
सभा को संबोधित करते हुए मजदूर संघ ने रेलवे प्रशासन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि लगातार पदों में कटौती से कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ता जा रहा है. इसका असर रेलवे की सुरक्षा,कार्यक्षमता और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. धरना पर मौजूद ने लोगों के मुताबिक 30 हजार पदों को समाप्त करने का निर्णय रेलवे और कर्मचारियों दोनों के हितों के खिलाफ है.
कार्यक्रम में वरिष्ठ जोनल सलाहकार निमाई बनर्जी, जोनल अध्यक्ष कमलेश सिंह, जोनल कार्यवाहक अध्यक्ष विवेकानंद चंद्रा, सहायक महामंत्री नूतन वर्मा सह्त जोनल उपाध्यक्ष युवराज सिंह ने सभा को संबोधित किया. विरोध प्रदर्शन जोनल सदस्य धर्मा राव, राकेश पटेल एवं मंडल अध्यक्ष राकेश साहू की अध्यक्षता और मंडल सचिव प्रोम्पी कुमार सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ.
जब तक सरेंडर वापस नहीं लिया जाएगा, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा. रेलवे कहता है कि पोस्ट एक्स्ट्रा है जबकि गाड़ियां बढ़ रही है, ट्रेनें भरी रहती है. पोस्ट खत्म करने प्राइवेट संगठन से काम कराना चाहते हैं-प्रोम्पी कुमार सिंह, मंडल सचिव दपूमरे मजदूर संघ
धरना प्रदर्शन पर उद्बोधन के दौरान मजदूर संघ ने सत्ताधारी यूनियन की निष्क्रियता और कर्मचारियों के मुद्दों पर उदासीन रवैये पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि रेलवे में पहले से ही बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, ऐसे में और पद समाप्त करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है.
विरोध प्रदर्शन में सहायक मंडल सचिव संजय यादव, मंडल संगठन सचिव हरीश कुमार डहरवाल, मंडल उपाध्यक्ष उत्तम दास मानिकपुरी, शाखा सचिव संजय शर्मा, अरुण कुमार, अनूपपुर शाखा सचिव राजकमल पटेल, मिथिलेश यादव, राजेंद्र सिंह, जे.के. वर्मा, विप्लव दास सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे. वही कार्यक्रम समापन के बाद मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में कर्मचारियों के हित में 30 हजार पदों को सरेंडर करने के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की गई.
