


मानव सेवा के संकल्प को साकार करते हुए लक्ष्य वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आज मानव सेवा ब्लड बैंक,में दो थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। समाजसेवियों एवं जागरूक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. ममता साहू, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग (राज्यमंत्री दर्जा) रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग (राज्यमंत्री दर्जा) उपस्थित रहीं। विशेष अतिथि के रूप में श्री गज्जू साहू, अध्यक्ष, जोन क्रमांक-01, वार्ड पार्षद एवं संरक्षक, लक्ष्य वेलफेयर फाउंडेशन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के भागीरथ डॉ. उदय भान सिंह चौहान की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं रक्तदाताओं का स्वागत कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया तथा उनके इस पुनीत कार्य की सराहना की।
मुख्य अतिथि डॉ. ममता साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनभर नियमित रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे बच्चों के लिए रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्त की व्यवस्था करना अत्यंत संवेदनशील, मानवीय एवं अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने कहा कि “रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान कर सकता है। लक्ष्य वेलफेयर फाउंडेशन समाजहित में जिस समर्पण के साथ कार्य कर रहा है, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। समाज के प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए।”
डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों का जीवन बचाने से बड़ा कोई धर्म नहीं है। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर मानव सेवा के इस महायज्ञ में सहभागी बनने का आह्वान किया।
डॉ. उदय भान सिंह चौहान ने कहा कि लक्ष्य वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण एवं रक्तदान जैसे क्षेत्रों में निरंतर किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि सेवा और समर्पण की भावना से कार्य करने वाली संस्थाएं ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती हैं।
श्री गज्जू साहू ने कहा कि रक्तदान किसी भी व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला सबसे बड़ा दान है। एक रक्तदाता अनेक लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित रक्तदान करने तथा समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम की सबसे विशेष पहल यह रही कि लक्ष्य वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा प्रत्येक स्वैच्छिक रक्तदाता का सम्मान किया गया। संस्था ने रक्तदाताओं के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें रेनकोट, हेलमेट अथवा छाता में से अपनी इच्छानुसार किसी एक उपयोगी उपहार का चयन करने का अवसर प्रदान किया। इसके साथ ही प्रत्येक रक्तदाता को प्रशस्ति-पत्र (प्रमाण-पत्र) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अतिथियों ने इस अभिनव पहल की विशेष सराहना करते हुए कहा कि रक्तदाताओं का सम्मान करने से समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है तथा अधिक से अधिक लोग इस महापुण्य कार्य के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक स्वस्थ नागरिक वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करे तो देश में रक्त की कमी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है और हजारों लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने लक्ष्य वेलफेयर फाउंडेशन एवं मानव सेवा ब्लड बैंक की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि दो थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए रक्त की व्यवस्था करना मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने संस्था के इस प्रयास को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों को निरंतर जारी रखने की शुभकामनाएं दीं।
अंत में लक्ष्य वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा सभी अतिथियों, रक्तदाताओं, मानव सेवा ब्लड बैंक की टीम, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा समाजहित में रक्तदान, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं जनकल्याण के कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।
“रक्तदान महादान है — आपका एक यूनिट रक्त किसी के जीवन की नई उम्मीद बन सकता है।”
