जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा में पामगढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष राजकुमार पटेल सोमवार से आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उनके साथ जनपद सदस्य भी हैं। राजकुमार पटेल ने 14वें और 15वें वित्त की राशि में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। कहा कि, 60 ग्राम पंचायतों में घोटाला किया गया है। उनका कहना है कि पिछले छह माह से जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें टरकाया जा रहा है। फिलहाल इसके बाद प्रशासन ने जांच टीम गठित कर आदेश जारी कर दिए हैं। जानकारी अनुसार, पामगढ जनपद पंचायत क्षेत्र के 60 ग्राम पंचायतो के विकास के लिए शासन की ओर से15 वें वित्त में करोड़ों रुपये की राशि भेजी थी। आरोप है कि सरपंच और सचिव ने ठेकेदारो से मिली भगत कर राशि में गबन कर लिया। इसकी शिकायत पामगढ जनपद पंचायत के अध्यक्ष राजकुमार पटेल ने जिला पंचायत सीईओ से की। उन्होंने कार्रवाई नहीं होने तक अनशन करने की चेतावनी दी है। इसके बाद सदस्यों के साथ तहसील चौक पर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। जिला पंचायत सीईओ ज्योति पटेल ने टीम गठित की, लेकिन जांच शुरू नहीं हो पाई है। इसके बाद आक्रोशित सदस्यों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
जिला पंचायत सीईओ ने पामगढ जनपद की सीईओ को जांच का जिम्मा सौपा था, लेकिन काम की अधिकता के कारण टीम में शामिल नहीं हो पाने का उन्होंने पत्र भेज दिया। फिलहाल इसके बाद सरपंचों में जरूर खलबली मची हुई है। बताया जा रहा है कि जांच में कई अफसर भी लपेटे में आ सकते हैं।

