टमाटर और हरी मिर्च के बाद अब अदरक के भाव में भी आग लग गई है. सब्जी की तो बात छोड़िए अब चटनी का भी जायका बिगड़ रहा है. मंगलवार को बैंगलोर से पहुंचे टमाटर का थोक भाव 105 रूपए प्रति किलो और फुटकर 130-140 रूपए रहा. इधर बारिश के शुरूआती सीजन में सरगुजा जिले के स्थानीय टमाटर की फसल को क्षति पहुंचने के साथ ही टमाटर में गलन और दाग लगने के साथ गुणवत्ता काफी खराब हुई है. इसके बावजूद स्थानीय टमाटर का भी थोक भाव 60 रूपए प्रति किलो की दर पर रहा, जबकि गुणवत्ताहीन लोकल टमाटर फुटकर में 75 से 80 रूपए किलो रहा. बताया जा रहा है कि वर्तमान समय में लोकल टमाटर की फसल लगभग खात्मे की स्थिति में है और अगली फसल में विलंब की संभावना है.
बैंगलोर से टमाटर मंगा भेज रहे यूपी-बिहार
बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में ओड़ीसा, उत्तर प्रदेश, बिहार क्षेत्र में बैंगलोर की लाल गुणवत्ता वाले टमाटर की कीमत थोक में 130 से 140 रूपए हैं. जिसकी वजह से सब्जी मंडी कंपनी बाजार के थोक सब्जी व्यापारियों के द्वारा बैंगलोर से एक ट्रक टमाटर मंगाए जा रहे है. एक ट्रक में सात सौ ट्रे टमाटर आता है. दूसरे प्रांतों में कीमत अधिक होने के चलते व्यावसायी अंबिकापुर में मात्र ढाई सौ से तीन सौ ट्रे की ही नीलामी कर रहे हैं, जबकि शेष टमाटरों को पिकअप के माध्यम से बाहर भेज दिया जा रहा है. टमाटर के भाव में कमी नहीं आने के पीछे इसे भी कारण माना जा रहा है.








