

भाजपा प्रत्याशियों की दूसरी सूची में सरगुजा संभाग से केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह को भरतपुर-सोनहत और सांसद गोमती साय को पत्थलगांव से प्रत्याशी बनाया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व अध्यक्ष विष्णु देव साय को कुनकुरी से टिकट दिया गया है। भाजपा ने पूर्व सैनिक रामकुमार टोप्पो को सीतापुर से प्रत्याशी बनाया है। अंबिकापुर के प्रत्याशी की घोषणा दूसरी सूची में भी नहीं हो सकी।
विधानसभा चुनाव 2018 में सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटों पर हार का सामना कर चुकी भाजपा ने इस बार कद्दावर नेताओं को चुनाव मैदान में उतार दिया है। भाजपा द्वारा सोमवार को जारी प्रत्याशियों की दूसरी सूची में संभाग के 8 सीटों के प्रत्याशी घोषित किए हैं।
भरतपुर-सोनहत से रेणुका सिंह प्रत्याशी
भाजपा ने केंद्रीय मंत्री व सरगुजा सांसद रेणुका सिंह को भरतपुर सोनहत से चुनाव मैदान में उतारा है। रेणुका सिंह तेजतर्रार नेत्री मानी जाती हैं। वे पूर्व में दो बार विधायक एवं रमन सरकार के कार्यकाल में मंत्री रह चुकी हैं। भरतपुर सोनहत सीट से वर्तमान में गुलाब सिंह कमरो विधायक हैं। रेणुका सिंह को चुनाव मैदान में उतारने का असर तीनों विधानसभा क्षेत्र में होगा, जिसे भाजपा भुनाना चाहती है।
पूर्व मंत्री भैयालाल बैकुंठपुर से चुनाव मैदान में
कोरिया जिले की बैकुंठपुर सीट से भाजपा ने पूर्व मंत्री भैयालाल राजवाड़े को प्रत्याशी बनाया है। रजवार समाज इस सीट पर निर्णायक संख्या में है। भैयालाल राजवाड़े को चुनाव मैदान में उतारकर भाजपा ने जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की है। लगातार 2 कार्यकाल में विधायक रहे भैयालाल पिछला चुनाव वर्तमान विधायक अंबिका सिंहदेव से हार गए थे।
श्याम बिहारी को बनाया मनेंद्रगढ़ से प्रत्याशी
कोरिया जिले की मनेंद्रगढ़ सीट से भाजपा ने श्याम बिहारी जायसवाल को प्रत्याशी बनाया है। श्याम बिहारी जायसवाल इस सीट से वर्ष 2008 में विधायक बने थे। वे पिछला चुनाव डॉ विनय जायसवाल से हार गए थे। भाजपा ने फिर से श्याम बिहारी पर भरोसा जताया है।
कांग्रेस के गढ़ सीतापुर में पूर्व सैनिक
सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाए गए रामकुमार टोप्पो हाल ही में सेना से इस्तीफा देकर आए हैं। रामकुमार टोप्पो ने अपने एक हजार समर्थकों के साथ जशपुर में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने भाजपा की सदस्यता ली थी। सेना में लंबे समय तक सेवा देने वाले रामकुमार टोप्पो पैरामिलिट्री के सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान रहे। उन्हें 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पुलिस मेडल फॉर गेलेंट्री अवॉर्ड मिला।
सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा आज तक अपना खाता नहीं खोल पाई है। सीतापुर सीट कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। 1951 के बाद अब तक हुए 15 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 12 चुनावों में जीत दर्ज की। तीन चुनावों में निर्दलीय प्रत्याशी जीते। वर्तमान विधायक एवं खाद्यमंत्री अमरजीत भगत यहां से लगातार चौथी बार विधायक हैं। पांचवीं बार भी उनका चुनाव मैदान में उतरना तय माना जा रहा है।
सामरी में फिर लरंगसाय परिवार पर भरोसा
कभी भाजपा का गढ़ रही सामरी विधानसभा सीट पर भाजपा को पिछले दो चुनाव में हार मिली है। भाजपा ने यहां फिर से भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल पूर्व मंत्री दिवंगत लरंगसाय के परिवार की उद्धेश्वरी पैकरा को प्रत्याशी बनाया है। उद्धेश्वरी पैकरा वर्तमान में भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य हैं। वे दो बार शंकरगढ़ की ब्लॉक अध्यक्ष एवं तीन बार जिला पंचायत का चुनाव जीत चुकी हैं।
सामरी सीट पर भाजपा को पिछले दो चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2013 में यहां कांग्रेस के डॉ प्रीतम राम और 2018 में चिंतामणी महाराज विधायक बने। दोनों ही चुनावों में सिद्धनाथ पैकरा भाजपा के प्रत्याशी थे, जिन्हें हार मिली।
पत्थलगांव से सांसद गोमती साय मैदान में
भाजपा ने पत्थलगांव से सांसद गोमती साय को अपना प्रत्याशी बनाया है। पत्थलगांव सीट से रामपुकार सिंह आठवीं बार विधायक बने हैं। पत्थलगांव सीट पर भाजपा ने गोमती साय को चुनाव मैदान में उतारकर इस सीट को हाईप्रोफाइल बना दिया है। गोमती साय सीधे पंचायत से लोकसभा तक पहुंची हैं। वे इसके पहले जिला पंचायत अध्यक्ष थीं।
कुनकुरी से तीनों सीट साधने की कोशिश
भाजपा ने कुनकुरी सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व अध्यक्ष विष्णु देव साय को चुनाव मैदान में उतारकर जशपुर जिले की तीनों सीटें साधने की कोशिश की है। विष्णु देव साय दो बार विधायक और 4 बार रायगढ़ सीट से सांसद रह चुके हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वे इस्पात मंत्री थे। दो बार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का दायित्व संभाल चुके साय को सुलझा हुआ राजनीतिज्ञ माना जाता है।
जशपुर में जिपं अध्यक्ष रायमुनि पर भरोसा
स्व. दिलीप सिंह जूदेव के गढ़ में भाजपा ने वर्तमान जशपुर जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनि भगत को प्रत्याशी बनाया है। रायमुनि भगत की राजपरिवार से पहले कुछ मतभेद भी रहे हैं। जशपुर विधानसभा में 80 प्रतिशत हिंदू उरांव हैं। रायमुनि भगत के माध्यम से भाजपा ने जातिगत समीकरणों को भी साधने की कोशिश जशपुर जिले में की है।
संभाग की 5 सीटों पर प्रत्याशी पहले घोषित
भाजपा की पहली लिस्ट में सरगुजा संभाग की 5 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है। इनमें रामानुजगंज से रामविचार नेताम, भटगांव से लक्ष्मी राजवाड़े, प्रेमनगर से भूलन सिंह मरावी, प्रतापपुर से शकुंतला पोर्ते और लुंड्रा से प्रबोध मिंज को उम्मीदवार बनाया गया है।
अंबिकापुर में सस्पेंस अब भी बरकरार
भाजपा ने अंबिकापुर विधानसभा सीट के लिए प्रत्याशी की घोषणा दूसरी लिस्ट में भी नहीं की है। यहां कांग्रेस से डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। भाजपा अंबिकापुर सीट से किसी कद्दावर नेता को उतारकर इस सीट को भी हाई प्रोफाइल बना सकती है।
