
केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्टार्टअप कॉनक्लेव में कहा कि भारत के विकसित राष्ट्र और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का कोई शॉर्टकट नहीं है। इसके लिए हमें हमारे युवाओं पर भरोसा करना होगा। हमें उनका मार्गदर्शन करना होगा। वे और अच्छा करें इसके लिए हमें उनकी नाकामयाबी का भी जश्न मनाना होगा। गांधीनगर में स्टार्टअप कॉनक्लेव 2023 के राउंडटेबल दौर में प्रधान ने कहा, स्टार्टअप कारोबार करने की पुरानी पद्धति की ओर एक नया अप्रोच है। कारोबार के दो मूल तत्व हैं राजस्व और मुनाफा।

स्टार्टअप आज के दौर में कारोबार का नवोन्मेषी स्वरूप है। हर स्टार्टअप की अपनी कामयाबी की दास्तान है। जज्बे से भरपूर युवाओं की मेहनत तो रंग लाती ही है लेकिन इनके अलावा किसी भी सफल इकोसिस्टम में भरोसा बहुत जरूरी है। यह भरोसा परस्पर होना चाहिए। प्रधान ने कहा, नवोन्मेष के मौजूदा इकोसिस्टम में जो नाकाम होता है और उस नाकामी से सीखकर आगे बढ़ता है वही सफलता हासिल करता है।
नई शिक्षा नीति से दे रहे कौशल उद्यम को बढ़ावा
प्रधान ने कहा कि देश की नई शिक्षा नीति में कौशल और उद्यम को बढ़ावा देने का विशेष ध्यान दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ऐसे पीएम हैं, जिन्होंने क्रिएटर को सबसे अहम जगह दी है। हर वह व्यक्ति जो नया करना चाहता है उसे मौका मिलना चाहिए। आजादी के इस अमृतकाल में हमारा देश मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत बनने की राह पर है। मोदी सरकार में देश की खर्च करने की क्षमता बढ़ी है। बहुत बड़ा वर्ग गरीबी रेखा से बाहर आया है। डिजिटल बुनियादी ढांचे से देश के विकास को नई रफ्तार मिली है।
5जी से 6जी की तरफ बढ़ रहे
प्रधान ने कहा, हमारा देश प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारे युवा मस्तिष्क की मेहनत के बदौलत हम 5जी से 6जी की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारे देश के युवा कौशल के साथ धंधे की समझ भी विकसित कर रहे हैं जो स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती दे रहे हैं।
