
बैकुंठपुर. प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास पसला में छात्र को बेरहमी से पीटने वाले भृत्य को निलंबित कर दिया है। मामले 19 दिसंबर की रात करीब 10 बजे प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास पसला के भृत्य संजय तिवारी ने छात्र जसवंत सिंह (7वीं) को बेहरमी से पीटा था। मामले में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ऊषा लकड़ा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में भृत्य को एसडीएम कार्यालय बैकुंठपुर में अटैच किया गया है।
गौरतलब है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद पसला सरपंच पितांबर सिंह ठाकुर जायजा लेने पहुंचे और पटना थाना को बच्चे से मारपीट करने की लिखित सूचना दी थी। साथ ही पीडि़त छात्र जसवंत को सामुदायिक स्वास्थ्य पटना में इलाज कराया गया था।
मारपीट के कारण छात्र के हाथ-पैर में सूजन और पीठ के बाएं तरफ ठंडे से पीटने के निशान पाए गए थे। वहीं मामले में ग्राम पंचायत शिवपुर, रामपुर के सरपंच सहित ग्रामीण जांच करने पहुंचे थे, जिन्होंने ग्रामीणों की मौजूदगी में पीडि़त छात्र से मारपीट के संबंध में पूछताछ कर पंचनामा तैयार किया था।

भृत्य ने दूसरे बच्चों से बाहर से मंगवाया था डंडा
छात्र को बेरहमी से पीटने वाले आरोपी भृत्य संजय तिवारी के खिलाफ पटना थाना में धारा २9४, ३२३ के तहत अपराध पंजीबद्ध कराया गया है। पीडि़त छात्र के दादा इंद्रपाल सिंह ने पुलिस को बताया कि ग्राम भैंसामुड़ा पटना निवासी हैं। उसने 20 दिसंबर को मेरे पौत्र जसवंत सिंह के साथ थाना में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया है।
मेरा पौत्र आदिवासी प्री मैट्रिक छात्रावास में रहकर 7वीं की पढाई करता है। मुझे मेरे पुत्र मानसाय ने रात 11.30 बजे जानकारी दी कि 19 दिसंबर को रात 10 बजे छात्रावास में पदस्थ भृत्य संजय तिवारी दारू पीकर आया। उस समय मेरे पौत्र अपने दोस्तों के साथ बैठा था। उससे पूछा ‘तोर मां कब डेथ होए रहिस तारीख ला बता।’ इस पर मेरा पोता बोला, मैं नई जानो, इतने में भृत्य आक्रोशित हो गया और बच्चों से करंज का डंडा बाहर से मंगवाया। फिर गाली-गलौज कर बेदम पिटाई करने लगा। इतने में बाहर से गांव के कुछ लोग आवाज सुनकर छात्रावास पहुंचे थे।
