आरटीई के तहत जिले के निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए इच्छुक पात्र विद्यार्थी 15 अप्रैल तक आरटीई पोर्टल के माध्यम सेआवेदन कर सकते हैं।


आरटीई के तहत जिले के निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए इच्छुक पात्र विद्यार्थी 15 अप्रैल तक आरटीई पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया 1 मार्च से प्रारंभ हो चुकी है।जिले के 551 निजी विद्यालयों के कुल 4530 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मार्च महीने में ही लगभग 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों के आवेदन आ चुके हैं। जिसके चलते पूर्व में भी अभिभावकों द्वारा आरटीई की सीटें बढ़ाए जाने की मांग की जाती रही है। आने वाले दिनों में 5 से 8 हजार आवेदन और आ सकते हैं।
आरटीई के तहत आवेदन करने वाले आवेदकों को अपना आवेदन फार्म आरटीई पोर्टल में भरने के बाद सभी आवश्यक दस्तावेज के साथ संबंधित विद्यालय के नोडल अधिकारी (प्राचार्य) के पास 15 अप्रैल तक जमा करना अनिवार्य है। वहीं ऐसे आवेदक जिन्हें अब तक आवेदन क्रमांक नहीं मिल पाया है वह आरटीई की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर अपना आरटीई आवेदन क्रमांक प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में जारी समय सारणी के अनुसार प्रथम चरण में छात्र पंजीयन 15 अप्रैल तक ही स्वीकार किए जाएंगे इसके बाद 18 अप्रैल तक नोडल अधिकारियों के द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाएगी। वहीं लॉटरी निकाले की प्रक्रिया 17 मई को शुरू होगी। लॉटरी एवं आवंटन 20 मई से 30 मई एवं स्कूल दाखिला प्रक्रिया 1 जून से 30 जून 2024 तक है।
दूसरे चरण की शुरुआत 15 जून से
इसी प्रकार दूसरे चरण में नवीन स्कूल पंजीयन एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन 15 जून से 30 जून, छात्र पंजीयन 1 जुलाई से 8 जुलाई, नोडल अधिकारियों के द्वारा दस्तावेजों की जांच 9 जुलाई से 15 जुलाई, लॉटरी एवं आबंटन 17 जुलाई से 20 जुलाई, स्कूल दाखिला प्रक्रिया 22 जुलाई से 31 जुलाई एवं वर्ष 2023-24 हेतु ऑनलाइन दावा प्रक्रिया 1 अगस्त से 30 अगस्त 2024 तक निर्धारित की गई है।
ये हैं पात्र आरटीई में अप्लाई करने के लिए
आरटीई के तहत प्रवेश के लिए जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता, अभिभावक का पता और पहचान पत्र, बीपीएल सर्वे सूची में नाम, जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज होने चाहिए। वहीं अगर कोई छात्र दिव्यांग है तो उसके लिए उसके पास सरकारी अस्पताल से 40 प्रतिशत मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग प्रमाण पत्र, सीडब्ल्यूसी प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज होने आवश्यक है। वहीं एक व्यक्ति एक ही आवेदन भर सकता है।
