वास्तु शास्त्र के अनुसार, तोता पालने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा शुभ मानी जाती है। उत्तर दिशा को बुध ग्रह की दिशा माना जाता है, जो बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक है। माना जाता है कि इस दिशा में तोता रखने से बच्चों की पढ़ाई में मदद मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
वास्तु शास्त्र में जिस तरह किसी भी वस्तु को रखने के लिए नियम बताए हैं, ठीक वैसे ही पशु और पक्षियों को रखने के लिए नियम भी विस्तार से बताया गया है। वहीं कई लोग पशु और पक्षी को घर में पालतू जानवर के रूप रखना पसंद करते हैं। जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे और खुशहाली का आगमन हो। इतना ही नहीं दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है। अब ऐसे में कई लोग घर में तोता पालते हैं, लेकिन असमंजस में रहते हैं कि घर में तोता पालना शुभ है या अशुभ। आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं कि अगर आप तोता पालते हैं, तो यह शुभ या अशुभ है।वास्तु शास्त्र के अनुसार, तोता पालना शुभ माना जाता है क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा लाता है और घर में खुशहाली बढ़ाता है। यह माना जाता है कि तोते की बोलचाल घर में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और सकारात्मकता का संचार करती है।

किस दिशा में तोता रखना है शुभ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तोता पालने के लिए उत्तर या पूर्व दिशा शुभ मानी जाती है। उत्तर दिशा को बुध ग्रह की दिशा माना जाता है, जो बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक है। माना जाता है कि इस दिशा में तोता रखने से बच्चों की पढ़ाई में मदद मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। पूर्व दिशा को सूर्य देव की दिशा माना जाता है, जो शक्ति और सफलता का प्रतीक है। माना जाता है कि इस दिशा में तोता रखने से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है।
किस दिशा में तोता रखना है अशुभ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तोते को कभी भी दक्षिण या पश्चिम दिशा में नहीं रखना चाहिए। दक्षिण दिशा को यम राज की दिशा माना जाता है, जो मृत्यु और नकारात्मकता का प्रतीक है। पश्चिम दिशा को राहु ग्रह की दिशा माना जाता है, जो अशांति और समस्याओं का प्रतीक है।

क्या आप भी पिंजरे में रखना पसंद करते हैं तोता?
अगर आप भी पिंजरे में तोता रखते हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि तोता खुश रहे। ऐसी मान्यता है कि पिंजरे में तोता खुश नहीं है, तो इससे घर में नकारात्मकता आती है। इसके अलावा अगर आप घर में तोता की तस्वीर लगा रहे हैं, तो इसे बेहद शुभ माना जाता है। इससे व्यक्ति के कुंडली में स्थित ग्रह दोषों से छुटकारा मिल सकता है।
