अंबिकापुर: लोगों को मोहल्ले में ही स्वास्थ्य सुविधा मिल सके इसके लिए कांग्रेस शासन काल में हमर क्लीनिक की शुरूआत की गई थी। अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत 8 हमर क्लीनिक संचालित हैं। जबकि शहर के अंदर 10 हमर क्लीनिक बनाए जाने थे। लकिन दो हमर क्लीनिक का अब तक कोई अता-पता नहीं है। वहीं शहर में संचालित 8 हमर क्लीनिक की भी स्थिति कुछ अच्छी नहीं है। स्टाफ की कमी बनी हुई है।

कुछ जगहों पर डॉक्टर भी नहीं हैं। डॉक्टर व स्टाफ की कमी के कारण हमर क्लीनिक की उपयोगिता शून्य साबित हो रही है। आज भी मरीजों का दबाव जिला अस्पताल पर है। सर्दी-खांसी जैसे मरीजों को भी हमर क्लीनिक में इलाज नहीं मिल पा रहा है।
नगर निगम के 48 वार्ड अंतर्गत 8 हमर क्लीनिक संचालित हंै। लेकिन सभी में स्टाफ की कमी है। कुछ जगहों पर डॉक्टर भी नहीं हैं। जबकि हर हमर क्लीनिक में 1 डॉक्टर के साथ 5 स्टाफ का सेटअप दिया गया था। लेकिन किसी भी हमर क्लीनिक में स्टाफ नहीं है। इससे मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। आज भी लोग निजी अस्पताल व जिला अस्पताल का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कुछ दिन पूर्व नगर निगम के सामान्य सभा में भी एक-दो जगहों पर नहीं हैं चिकित्सक
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शीला नेताम ने बताया कि हमर क्लीनिक में पदस्थ डॉक्टरों का कांट्रेक्ट खत्म हो गया था। इसलिए कुछ दिनों तक डॉक्टर की कमी बनी हुई थी।
पुन: संविदा पर डॉक्टर की नियुक्ति हो गई है। शहर के अंदर संचालित 8 हमर क्लीनिक में एक-दो जगहों को छोडक़र सभी हमर क्लीनिक में डॉक्टर की नियुक्ति हो गई है।
न तो फार्मासिस्ट और न ही स्टाफ नर्स
अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र के 48 वार्ड में कुल 10 हमर क्लीनिक बनने थे। लेकिन अभी केवल 8 ही हमर क्लीनिक संचालित हंै। दो हमर क्लीनिक का निर्माण अभी भी पूर्ण नहीं हो सका है।
इसके अलावा एक लखनपुर में भी हमर क्लीनिक संचालित है। लेकिन इन सभी जगहों पर स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हमर क्लीनिक में न तो दवा वितरण के लिए फॉर्मासिस्ट है और न ही स्टाफ नर्स की व्यवस्था है।
इन जगहों पर चल रहे हमर क्लीनिक
शहर के बौरीपारा, गोधनपुर, गांधीनगर, मुक्तिपारा, बरेजपारा, बिशुनपुर, मायापुर, नमनाकला में हमर क्लीनिक का संचालन हो रहा है। इन हमर क्लीनिक में केवल स्टाफ के नाम पर एएनएप की ड्यूटी लगाई गई है। स्टाफ की व्यवस्था न होने के कारण ओपीडी की संख्या भी धीरे-धीरे कम होती जा रही है।
हमर क्लीनिक में 105 प्रकार की दवा के अलावा संपूर्ण बीमारी की जांच की सुविधा की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान में यहां मात्र 90 प्रकार की ही दवाएं मिल रहीं हैं। जांच केवल किट के माध्यम से की जाती है।
जबकि सैंपल कलेक्ट कर जांच जिला अस्पताल के हमर लैब में व्यवस्था बनाई गई थी। लेकिन मरीजों को न तो अब संपूर्ण दवाएं मिल पा रहीं हंै और न ही विभिन्न बीमारियों की जांच हो पा रही है।
वैकल्पिक व्यवस्था से लगाई गई है ड्यूटी
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शीला नेताम ने बताया कि हमर क्नीनिक में डॉक्टर उपलब्ध हैं। स्टाफ की व्यवस्था नहीं होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था से स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। ९० प्रकार की दवा का भी वितरण किया जाता है।
