सरकारी आवास पर रिटायर्ड अधिकारियों-कर्मचारियों का कब्जा, जरूरतमंद परेशान, किराए के मकान में रहने मजबूर Sudhir Sahu 04 Sep 2025, 06:16 PM छत्तीसगढ़ सरकारी आवास पर रिटायर्ड अधिकारियों-कर्मचारियों का कब्जा, जरूरतमंद परेशान, किराए के मकान में रहने मजबूर Share Share Share Follow Join Whatsapp Group यहाँ क्लिक करें बलरामपुर। जिले में रिटायर होने के बाद भी कई अधिकारी-कर्मचारी शासकीय आवास खाली करने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसके चलते वास्तविक जरूरतमंद कर्मचारियों को सरकारी आवास के बजाय निजी मकानों में किराए से रहना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार महीनों पूर्व कई कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बावजूद शासकीय आवास में रहकर काम कर रहे हैं। वहीं वाड्रफनगर के डॉक्टर आरबी प्रजापति को सेवानिवृत्त हुए लगभग एक वर्ष से अधिक का समय हो गया है, बावजूद इसके वे शासकीय निवास में रहकर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। बेदखली की कार्रवाई की जाएगी : अपर कलेक्टर सूत्रों के मुताबिक उच्च अधिकारियों के संरक्षण में यह स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते नए पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को कई-कई महीनों तक सर्किट हाउस या किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में जब जिले के अपर कलेक्टर से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि विकासखंडों में आवंटन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मामले पर संज्ञान लिया जाएगा और शीघ्र ही बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। Feature छत्तीसगढ़ सरकारी आवास पर रिटायर्ड अधिकारियों-कर्मचारियों का कब्जा, जरूरतमंद परेशान, किराए के मकान में रहने मजबूर Sudhir Sahu 04 Sep 2025, 06:16 PM छत्तीसगढ़ सरकारी आवास पर रिटायर्ड अधिकारियों-कर्मचारियों का कब्जा, जरूरतमंद परेशान, किराए के मकान में रहने मजबूर Share Share Share Follow Join Whatsapp Group यहाँ क्लिक करें बलरामपुर। जिले में रिटायर होने के बाद भी कई अधिकारी-कर्मचारी शासकीय आवास खाली करने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसके चलते वास्तविक जरूरतमंद कर्मचारियों को सरकारी आवास के बजाय निजी मकानों में किराए से रहना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार महीनों पूर्व कई कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बावजूद शासकीय आवास में रहकर काम कर रहे हैं। वहीं वाड्रफनगर के डॉक्टर आरबी प्रजापति को सेवानिवृत्त हुए लगभग एक वर्ष से अधिक का समय हो गया है, बावजूद इसके वे शासकीय निवास में रहकर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। बेदखली की कार्रवाई की जाएगी : अपर कलेक्टर सूत्रों के मुताबिक उच्च अधिकारियों के संरक्षण में यह स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते नए पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को कई-कई महीनों तक सर्किट हाउस या किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में जब जिले के अपर कलेक्टर से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि विकासखंडों में आवंटन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मामले पर संज्ञान लिया जाएगा और शीघ्र ही बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। Nkc News Desk September 4, 2025 बलरामपुर। जिले में रिटायर होने के बाद भी कई अधिकारी-कर्मचारी शासकीय आवास खाली करने का नाम नहीं...Read More