ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल के रूप में निरंतर प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के समस्त लोगों में आरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है। राज्यपाल की न्याय और तर्कपूर्ण बातें लोगों तक पहुंच रही है। बिना किसी राग, द्वेष और ईष्या के संविधान के मूल तत्वों की रक्षा के लिए राज्यपाल का निर्णय सराहनीय है। राज्यपाल उइके ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उनके आग्रह पर संविधान की मूल भावना के अनुरूप तथा विधि सम्मत निर्णय लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी वर्ग के अधिकारों का हनन नहीं होगा और उनके अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
आरक्षण विधेयक रोकने का खामियाजा भाजपा को भुगतना होगा : मरकाम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा मेें कहा कि छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ नवीन आरक्षण विधेयक के पक्ष में अनुमोदन की अनुशंसा का निर्णय लिया गया है। भाजपा के इशारे पर राजभवन द्वारा किए जा रहे अनुचित विलंब से छत्तीसगढ़ के स्थानीय जनता और सर्व समाज उद्वेलित हैं