रायपुर। प्रदेश में शराब पीकर गाड़ी चलाने (ड्रंक एंड ड्राइव) के मामले प्रति वर्ष बढ़ रहे हैं। पुलिस मुख्यालय से मिले आकड़ों के अनुसार कोरोनाकाल में वर्ष 2020 में 1371, 2021 में 1570 वाहन चालक शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए थे। 2022 में इनकी संख्या में 21 प्रतिशत से ज्यादा इजाफा हुआ है। 2000 वाहन चालक शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए। इनसे दो करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया। औसतन प्रत्येक वाहन चालक से न्यूनतम 10 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। इन वाहन चालकों को पुलिस ने लाइसेंस निलंबित करने और दंडित करने की चेतावनी भी दी।

तीन वर्ष से नहीं हुई ब्रीथ एनालाइजर खरीदी
शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच करने के लिए पिछले तीन साल से ब्रीथ एनालाइजर की खरीदी नहीं हुई है। अभी इसकी खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई है। ब्रीथ एनालाइजर की आपूर्ति होते ही पुलिस थानों और ट्रैफिक पुलिस को दिया जाएगा।
पांच जिलों में नहीं मिला एक भी शराबी चालक
राज्य पुलिस ने एक जनवरी से 31 दिसंबर 2022 के बीच शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पूरे प्रदेश में अभियान चलाया। इस दौरान रायपुर में 282 लोग शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ेे गए थे। वहीं, बेमेतरा, बीजापुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और सक्ती में शराब पीकर वाहन चलाता कोई भी नहीं पकड़ा गया। इसके पीछे मुख्य वजह जांच के लिए ब्रीथ एनालाइजर नहीं होना बताया जा रहा है। अभियान के दौरान
