केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये तेलंगाना के निजामाबाद में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का उद्घाटन किया और इसे मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर लांन्च करने पर खुशी जाहिर की। गोयल ने कहा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में हल्दी की उत्पादकता बढ़ाने की बहुत संभावनाएं हैं। बोर्ड इन क्षेत्रों में विकास के लिए काम करेगा। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य हल्दी किसानों की भलाई, अच्छे किस्मों का विकास और इसके निर्यात पर विशेष ध्यान केंद्रित करना होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हल्दी की खेती और इसके व्यापार को बढ़ाने से न केवल निजामाबाद बल्कि उत्तर तेलंगाना के आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा। पी गंगा रेड्डी को बोर्ड का पहला अध्यक्ष नामित किया गया है। हल्दी बोर्ड का मुख्यालय तेलंगाना के निजामाबाद में स्थापित किया गया है।

बोर्ड से नए बाजार विकसित करने मदद
गोयल ने कहा, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए बाजार विकसित करने मदद करेगा। वैश्विक हल्दी उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है। हम पांच साल में उत्पादन दोगुना कर 20 लाख टन करने की योजना बना रहे हैं।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा हल्दी उत्पादक
भारत दुनिया का सबसे बड़ा हल्दी उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है। देश में 3.24 लाख हेक्टेयर में हल्दी उगाया जाता है और 11.61 लाख टन उत्पादन करता है। यह हल्दी के वैश्विक उत्पादन का तीन-चौथाई से अधिक है भारतीय हल्दी के प्राथमिक आयातकों में बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका और मलयेशिया शामिल हैं।
2023 में पीएम मोदी ने की थी घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्तूबर, 2023 में तेलंगाना में एक जनसभा के दौरान इस बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। यह फैसला हल्दी किसानों की 40 साल पुरानी मांग को पूरा करता है, जो एक समर्पित बोर्ड की स्थापना की अपेक्षा कर रहे थे, जो हल्दी की खेती और व्यापार को बढ़ावा दे सके।
