Skip to content
June 14, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
NKC NEWS

NKC NEWS

News Portal Of Chhattisgarh

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

Tags

adhytma education Feature health krishi lekh life style loksabha chunaw mousam odisha popular sampadikiy science Trending Uncategorized vastu weather अन्तर्राष्ट्रीय अपराध कृषि खेल छत्तीसगढ़ धर्म मनोरंजन राजनीति राष्ट्रीय विश्व व्यापार

Categories

  • adhytma
  • education
  • Feature
  • health
  • krishi
  • lekh
  • life style
  • loksabha chunaw
  • mousam
  • odisha
  • popular
  • sampadikiy
  • science
  • Trending
  • Uncategorized
  • vastu
  • weather
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • व्यापार
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • व्यापार
  • Home
  • रामलीला मैदान से बीजेपी का कनेक्शन
  • Feature
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय

रामलीला मैदान से बीजेपी का कनेक्शन

Nkc News Desk February 19, 2025

रामलीला मैदान का बीजेपी कनेक्शन: जिन्ना-अन्ना ही नहीं मुखर्जी-अटल का भी नाता, सत्याग्रह से हिला दी थी नेहरू की सत्ता

दिल्ली में 27 सालों का सियासी वनवास काटकर बीजेपी ने दिल्ली की सत्ता में वापसी कर ली है. बीजेपी ने इस मौके को यादगार और ऐतिहासिक बनाने में के लिए शपथ ग्रहण के लिए रामलीला मैदान को शपथ ग्रहण के लिए चुना है. गुरुवार को सुबह 11 बजे दिल्ली सरकार के शपथ ग्रहण का समारोह रखा गया है, जहां उपराज्यपाल वीके सक्सेना दिल्ली के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे. हालांकि, बुधवार को विधायक दल की बैठक में दिल्ली के नए सीएम के नाम पर फाइनल मुहर लगेगी.

दिल्ली के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के लिए बीजेपी ने यूं ही रामलीला मैदान को नहीं चुना बल्कि उसके पीछे एक बड़ा कनेक्शन है. रामलीला मैदान मो. अली जिन्ना को मौलाना की उपाधि देने से लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना आंदोलन का ही गवाह नहीं बना बल्कि अरविंद केजरीवाल की सियासत के लिए बेहद खास था. बीजेपी के साथ भी रामलीला मैदान का मजबूत कनेक्शन है.

जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी के साथ गहरा नाता दिल्ली का रामलीला मैदान से है, जिसके लिए बीजेपी ने दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में लौटी है तो शपथ ग्रहण के लिए चुना है. इससे समझा जा सकता है कि रामलीला मैदान की अहमियत बीजेपी के लिए क्या है?

दिल्ली के बीचों-बीच 10 एकड़ में फैला रामलीला मैदान भले ही एक वक्त में तालाब व खेता हुआ करता था, लेकिन मौजूदा दौर में सियासी और सामाजिक आंदोलन का गवाह है. रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन साल में एक बार होता है, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक हुंकार साल में कई बार भरी जाती है. बीजेपी का रामलीला मैदान के साथ करीब सात दशक पुराना नाता जुड़ा हुआ है.

दिसंबर 1952 में रामलीला मैदान में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को लेकर जनसंघ के प्रमुख श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने सत्याग्रह किया था. इससे नेहरू सरकार हिल गई थी. इसके बाद जनता पार्टी की बुनियाद इसी रामलीला मैदान में रखी गई थी, जिसमें जनसंघ के नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने शिरकत की थी. इतना ही नहीं जनसंघ का दिल्ली में दफ्तर भी रामलीला मैदान के इलाके में हुआ करता था. बीजेपी ने राममंदिर आंदोलन की हुंकार के लिए भी रामलीला मैदान को ही सबसे पहले चुना था.

जम्मू-कश्मीर के लिए मुखर्जी का सत्याग्रह
श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक समय नेहरू मंत्रिमंडल के सदस्य थे, लेकिन 1950 में नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध करते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया. यह संधि दोनों देशों में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए की गई थी. इसके अलावा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे. उस समय जम्मू कश्मीर का अलग झंडा और अलग संविधान था. एक देश में दो विधान, दो निशान नहीं चलेंगे, नहीं चलेंगे का नारा देकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन छेड़ दिया था. इस तरह नेहरू के वो सबसे मुखर आलोचकों में से एक बन गए और उन्होंने खुद को जम्मू और कश्मीर मुद्दे से जोड़ लिया.

जम्मू की प्रजा परिषद पार्टी के साथ मिलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आंदोलन छेड़ा. अप्रैल 1952 में शुरू हुआ जब जम्मू और कश्मीर की प्रजा परिषद पार्टी के नेता प्रेम नाथ डोगरा नई दिल्ली आए और मुखर्जी से मुलाकात कर उनसे राज्य में चल रहे आंदोलन में मदद करने का आग्रह किया.

श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर तत्कालीन नेहरू सरकार को चुनौती देने के लिए सत्याग्रह का रास्ता चुना. मुखर्जी ने पहले जम्मू में रैली की और उसके बाद दिसंबर 1952 में रामलीला मैदान में सत्याग्रह शुरू किया.

जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक शांतिपूर्ण सत्याग्रह ने पंडित जवाहर लाल नेहरू की सरकार को हिला दिया था. अपने संकल्प को पूरा करने के लिए वो 1953 में बिना परमिट लिए जम्मू कश्मीर की यात्रा पर निकल पड़े, वहां पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर नजरबंद कर लिया गया. 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का मुद्दा जनसंघ से लेकर बीजेपी तक का कोर एजेंडा रहा, जिसे मोदी सरकार ने 2019 में साकार कर दिखाया.

जनसंघ पार्टी का पुराना दफ्तर रहा
जनसंघ का पुराना दफ्तर रामलीला मैदान के पास ही हुआ करता था. अंग्रेजो के समय में रामलीला मैदान का इलाका अजमेरी गेट तक हुआ करता था. जनसंघ का पुराना दफ्तर दिल्ली के अजमेरी गेट इलाके में हुआ करता था. इसके अलावा बीजेपी का नया आफिस रामलीला मैदान के करीब ही है. जनसंघ के सियासी दौर में अटल बिहारी वाजपेयी और जेपी माथुर जैसे नेता जनसंघ दफ्तर में ही रहा करता थे. इस तरह रामलीला मैदान को बीजेपी ने दिल्ली सरकार के शपथ ग्रहण के लिए चुना है.

अटल बिहारी वाजपेयी का कनेक्शन
सत्ता के दशक में जनसंघ से लेकर जनता पार्टी और उसके बाद बनी बीजेपी का चेहरा अटल बिहारी वाजपेयी ही हुआ करते थे. जनसंघ के दौर में एक बार अटल बिहारी वाजपेयी पार्टी के काम से शहर से बाहर गए थे. उनको दिल्ली लौटते-लौटते काफी रात हो गई. उनकी ट्रेन 11 बजे आनी थी, लेकिन लेट होने के चलते ट्रेन 2 बजे रात दिल्ली पहुंची. ऐसे में दिल्ली पहुंचने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने जनसंघ दफ्तर जाना सही नहीं समझा और रात को रामलीला मैदान में ही सो गए. वे सुबह छह बजे दफ्तर पहुंचे.

अटल बिहार वाजपेयी का रामलीला मैदान से जुड़ा एक और किस्सा है. ये बात है आपातकाल के बाद हुए 1977 की है. उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी को सुनने के लिए भारी भीड़ जुटी थी. जनता पार्टी के बैनर तले बाबू जगजीवन राम के नेतृत्व में कांग्रेस छोड़कर आए मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह और चंद्रशेखर के साथ बीजेपी के तत्कालीन रूप जनसंघ के नेता अटल बिहारी वाजपेयी इसी मैदान के मंच पर एक साथ नज़र आए. वाजपेयी ने पूरी महफिल अपनी कविताओं पढ़कर लूट ली थी.

राममंदिर आंदोलन की हुंकार का गवाह है रामलीला मैदान
अस्सी के दशक में बीजेपी ने राम मंदिर आंदोलन को अपनाया. इस दौरान विरोध प्रदर्शनों की जगह बोट क्लब हुआ करता था, नब्बे के दशक में लेकिन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के कार्यकाल के दौरान बोट क्लब पर प्रदर्शन पर रोक लगा दी. इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने राम मंदिर आंदोलन के शंखनाद के लिए रामलीला मैदान को चुना.

रामलीला मैदान से बीजेपी ने राममंदिर आंदोलन की हुंकार भरी, जो लंबे समय तक पार्टी का कोर एजेंडा रहा. बीजेपी के तमाम नेता बाबरी विध्वंस के लिए जिम्मेदार रहे हैं. इस मुद्दे पर ही बीजेपी को सियासी बुलंदी मिली थी नब्बे के दशक में. यही वजह है कि रामलीला मैदान को बीजेपी ने शपथ ग्रहण के लिए चुना है.

Tags: बीजेपी का कनेक्शन रामलीला मैदान

Continue Reading

Previous: कांग्रेस में खुली जंग: पीसीसी के पूर्व सचिव ने विधायक पिता-पुत्र पर लगाया भितरघात का आरोप
Next: दिल्ली की नई सीएम होंगी रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

Related Stories

छग निकाय चुनाव 2026: 5 में से 3 में BJP ने लहराया परचम, 2 नगर पंचायत में कांग्रेस का कब्जा
  • छत्तीसगढ़
  • राजनीति

छग निकाय चुनाव 2026: 5 में से 3 में BJP ने लहराया परचम, 2 नगर पंचायत में कांग्रेस का कब्जा

June 4, 2026
इबोला वायरस अलर्ट, अफ्रीकी देश से लौटे तीन यात्रियों की स्क्रिनिंग, हेल्थ डिपार्टमेंट ने होम आइसोलेशन पर रखा
  • Feature
  • health

इबोला वायरस अलर्ट, अफ्रीकी देश से लौटे तीन यात्रियों की स्क्रिनिंग, हेल्थ डिपार्टमेंट ने होम आइसोलेशन पर रखा

June 4, 2026
जून में कम बरसेंगे बादल, IMD की रिपोर्ट ने बढ़ाई किसानों की चिंता
  • राष्ट्रीय

जून में कम बरसेंगे बादल, IMD की रिपोर्ट ने बढ़ाई किसानों की चिंता

May 30, 2026

Recent Posts

  • भारत की सेवा में विज्ञान के 12 वर्ष
  • शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 28 अधिकारियों के तबादले, कई जिलों में नए डीईओ पदस्थ
  • केंद्रीय आदिवासी गोंड समाज मल्हार राज वार्षिक अधिवेशन मानिकचौरी में आयोजित
  • उप मुख्यमंत्री साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
  • मंत्री कश्यप ने भानपुरी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा

Categories

  • adhytma
  • education
  • Feature
  • health
  • krishi
  • lekh
  • life style
  • loksabha chunaw
  • mousam
  • odisha
  • popular
  • sampadikiy
  • science
  • Trending
  • Uncategorized
  • vastu
  • weather
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • व्यापार

You may have missed

भारत की सेवा में विज्ञान के 12 वर्ष
  • lekh

भारत की सेवा में विज्ञान के 12 वर्ष

June 10, 2026
शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 28 अधिकारियों के तबादले, कई जिलों में नए डीईओ पदस्थ
  • education
  • अन्तर्राष्ट्रीय

शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 28 अधिकारियों के तबादले, कई जिलों में नए डीईओ पदस्थ

June 10, 2026
केंद्रीय आदिवासी गोंड समाज मल्हार राज वार्षिक अधिवेशन मानिकचौरी में आयोजित
  • छत्तीसगढ़

केंद्रीय आदिवासी गोंड समाज मल्हार राज वार्षिक अधिवेशन मानिकचौरी में आयोजित

June 8, 2026
उप मुख्यमंत्री साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
  • health
  • छत्तीसगढ़

उप मुख्यमंत्री साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

June 7, 2026

ओनर: स्नेहलता पटेल
7566699181

एडिटर: ललित यादव
7693947100

Address: K-13, Moti Nagar, In front of Sharda petrol pump, beside Neha medical, Raipur, Chhattisgarh 492001.
Mobile No.: 7693947100
Email: nkcnewscg@gmail.com

  • भारत की सेवा में विज्ञान के 12 वर्ष
  • शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 28 अधिकारियों के तबादले, कई जिलों में नए डीईओ पदस्थ
  • केंद्रीय आदिवासी गोंड समाज मल्हार राज वार्षिक अधिवेशन मानिकचौरी में आयोजित
  • उप मुख्यमंत्री साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
  • मंत्री कश्यप ने भानपुरी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का लिया जायजा
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • व्यापार
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | DarkNews by AF themes.