रायपुर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के निवास सहित उनके करीबी सहयोगियों और लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल से संबंधित परिसरों पर छापे मारे। जांच में यह सामने आया है कि चैतन्य बघेल भी शराब घोटाले से उत्पन्न अवैध धन के लाभार्थियों में शामिल हैं। पूर्व सीएम और उनके बेटे के घर कार्रवाई से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। लगातार सियासी नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर ED की छापेमारी पर कहा कि “सभी जानते हैं कि कांग्रेस की सरकार में कई घोटाले हुए थे। इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही हैं… ED की जांच चल रही है और इसमें प्रदेश का कोई दखल नहीं है…”
ईडी की छापेमारी पर छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा, “मुझे लगता है कि हमारे पूर्व मुख्यमंत्री को लंबे समय से परेशान किया जा रहा है। मैं यही कहूंगी कि हम डरने वालों में से नहीं हैं…डराने-धमकाने से राजनीति नहीं होती। ईडी को अपना काम करना है। हम कानून पर विश्वास करते हैं, उसका सम्मान करते हैं और कानून अपना काम करेगा।
बड़े-बड़े घोटाले हुए
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, “…भूपेश बघेल के कार्यकाल में बड़े-बड़े घोटाले हुए हैं…ED की कार्रवाई लंबे समय से चल रही है। जांच में उन्हें कोई साक्ष्य मिला होगा और उसके आधार पर ED ने जांच की कार्रवाई की है…अगर इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है तो इसमें कोई डरने की या घबराने की बात नहीं होनी चाहिए…।
यह सब राजनीति है..
कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने कहा, “यह सब राजनीति से प्रेरित है… यह सरकार अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों पर ED और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल करती है। लेकिन कांग्रेस पार्टी इन चीजों से दबने वाली नहीं है।

