रायपुर। विधानसभा सभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। जिसे चर्चा के बाद पारित कर दिया। इसके बाद मंत्री टीएस सिंहदेव ने बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि-छत्तीसगढ़ में एक जून से सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए कैशलेस व्यवस्था लागू होगी।
हीं, भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने सदन ने पूछा कि जय-वीरू की जोड़ी का क्या हाल है? इसपर टीएस सिंहदेव ने कहा कि खट्टा-मीठा चलता रहता है। चर्चा के दौरान मंत्री सिंहदेव ने कहा कि शराब से राजस्व बढ़ा है। इस पर भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आपके जनघोषणा पत्र में शराबबंदी का वादा था। मंत्री सिंहदेव ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि इस मामले में महिला और पुरुषों की अलग-अलग राय थी। कुछ लोगों ने कहा कि शराबबंदी होगी तो वोट नहीं देंगे। महिलाओं ने कहा था शराबबंदी होनी चाहिए। इस पर दोनों तरह की बातें होती हैं।
ंगलवार को विधानसभा में रायपुर के स्काई वॉक का मुद्दा उठा। इसे लेकर किसी भी तरह का फैसला लेने के लिए विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में बनाई गयी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। कमेटी ने आधे-अधूरे बने स्काई वॉक का निर्माण पूरा किये जाने के पक्ष में अपनी रिपोर्ट दी है। मामले में कमेटी के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि स्काई वॉक में गैरकानूनी तरीके से काम हुआ है, जिसकी जांच श्वह्रङ्ख कर रही है। उन्होंने कहा कि इसे तोडऩे में लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे जो कि लोक धन का अपव्यय होगा। ऐसे में हमारी समिति ने रिपोर्ट पेश कर दी है और अब अंतिम फैसला सरकार को लेना है।
स्काई वॉक पर चंद्राकर ने ये कहा
पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार पर निशाना साधते हुआ कहा कि विधानसभा के पहले सत्र के दौरान आप मेरा भाषण निकालकर देख लें,जब सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी, उसी समय मैंने कह दिया था कि सरकार जानबूझकर लागत बढ़ाकर रिटेंडर करेगी और यह सच साबित हुआ। उन्होंने कहा कि सत्यनारायण शर्मा की कमेटी ने कह दिया है कि स्काई वॉक बनाना जरूरी है और यही इसका एक विकल्प है। इसकी आलोचना करने वाले जितने भी लोग हैं,उन पर यह बात साबित होती है कि लागत बढ़ाकर वे भ्रष्टाचार करने वाले थे। यह पहले से नियोजित थी और अब सत्यापित भी हो गई है।
विधानसभा में बेमौसम बारिश से हुए फसलों के नुकसान का मुद्दा भी उठा। बीजेपी के सदस्य शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाया कि बरसात से हुए नुकसान का सरकार ने संज्ञान नहीं लिया।
अजय चंद्राकर बोले- रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान सरकार की नीतियों से बेबस हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने नुकसान का मूल्यांकन कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की। इस पर राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि सभी जिला कार्यालयों को निर्देशित किया गया है। आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली से 8 व्यक्ति और 36 पशुओं की जान गई है।
मंत्री जयसिंह ने कहा- फसल क्षति का आंकलन अभी जारी है। 15 दिनों के भीतर मुआवजा राशि देने का प्रावधान है, जल्द ही आंकलन के बाद सहायता राशि जारी कर दी जाएगी।
धरमलाल कौशिक ने पूछा- जन घोषणा पत्र में क्या बंद स्कूलों को प्रारंभ करने की घोषणा भी की गई थी। प्रदेश में जनवरी 2019 से दिनांक 31 जनवरी 2023 तक कितने नक्सल प्रभावित बंद स्कूलों को प्रारंभ किया गया है। इसमें कितने शिक्षक कार्यरत हैं तथा कितने बंद स्कूलों को चालू करने की योजना है।
स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने दिया जवाब- 275 बंद स्कूलों को प्रारंभ किया गया है और इनमें 185 शिक्षक कार्यरत है। बीजापुर में 199 स्कूल,कांकेर में 2,सुकमा में 74 बंद स्कूल खोले गए। प्रायमरी स्कूल में 146 और मिडिल स्कूल के 39 शिक्षक है। जहां पर शिक्षक नहीं है वहां 12वी पास लोगों से पढ़ाई करवाई जा रही है।??
धरमलाल कौशिक ने कहा- इन्होंने हिंदी मीडियम स्कूलों पर कब्जा कर लिया है। कोई निविदा नहीं बुलाई गई है। स्कूलों का जीर्णोद्धार करा कर डीएमएफ की राशि से भुगतान कर बंदरबांट किया गया है।
इस पर टेकाम ने कहा- 181 स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए निविदा बुलाई गई है। कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। अलग-अलग एजेंसी के जरिए निविदाएं बुलाई गई है। हमने किसी स्कूल पर कब्जा नहीं किया है। हिंदी और अंग्रेजी दोनों स्कूल चल रहे हैं।
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा- जहां शिक्षक नहीं है वहां जो स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की गई है वो कितने है और उसकी शैक्षणिक योग्यता क्या है।
टेकाम का जवाब – जो स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की गई है उसके मुताबिक सुकमा में 45, बीजापुर में 210 की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की गई है। इनकी सैलरी डीएमएफ फंड से दी जाती है।
अमरजीत भगत ने कहा- आपने स्कूलों को बंद किया और हमारी सरकार ने खोला, आप लोगों ने शिक्षा व्यवस्था छीना है। मामले में सदन में पक्ष के विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
इससे पहले राजनांदगांव और चौकी-मोहला-मानपुर जिले में संचालित एकलव्य विद्यालय से जुड़े सवालों के जवाब से असंतुष्ट विधायकों ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया था। बीजेपी विधायक कृष्णकुमार बांधी ने सवाल किया था कि में साल 2020-21 से 2022-23 में कितनी राशि स्वीकृत की गई? और खरीदी में क्रय नियमों का पालन हुआ कि नहीं?
जानकारी में मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम ने कहा- इस अवधि में 917.97 लाख रुपये स्वीकृत हुए। स्वीकृत राशि से खरीदी में वित्त निर्देश और भंडार क्रय नियमों का पूर्णत: पालन नहीं हुआ। नियमों का पालन नहीं करने वाले कई अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई है।
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा- मंत्री के संज्ञान में मामला कब आया? कब जांच समिति गठित की गई और कार्रवाई की गई? मंत्री टेकाम ने कहा- हमारे संज्ञान में पहले ही आया था, हमने अधिकारी भेज कर जांच कराया था। वित्त नियंत्रक अध्यक्ष थे समिति की जिससे जांच कराई थी।
विधायक धरमजीत सिंह ने पूछा- एकलव्य विद्यालय राज्य संचालित करता है या केंद्र? किसके कंट्रोल में है या?
मंत्री टेकाम ने कहा- एकलव्य विद्यालयों का निरीक्षण विधायक अपने क्षेत्र में कर सकते हैं।
बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा- गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ एफआईआर कराएंगे क्या?
टेकाम ने कहा- जांच पूरी हो जाएगी तो कार्रवाई भी करेंगे और एफआईआर भी करेंगे
भाजपा विधायकों ने कहा कि जांच कब पूरी होगी ये मंत्री नहीं बता रहे हैं. सदन में जमकर हंगामा. पक्ष-विपक्ष में नोक-झोंक।

टेकाम बोले- नियमों के विपरीत काम करने वाले सभी प्रिंसिपल पर कार्रवाई की गई है
बीजेपी विधायक सरकार की कार्रवाई से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से किया वॉकआउट।
