रायपुर। छत्तीसगढ़ में राशन वितरण के मामले में बीजेपी, सरकार पर लगातार हमले कर रही है। विपक्ष लगातार सरकार पर आरोप लगा रहा है। सदन में विपक्ष ने सरकार पर पीडीएस सिस्टम के तहत 600 करोड रुपए के घोटाले की बात करते हुए जोरदार हंगामा किया। विपक्ष की ओर से यह विषय सबसे पहले डॉ रमन सिंह ने उठाया, जिसके बाद इसी विषय पर बृजमोहन अग्रवाल, शिवरतन शर्मा, अजय चंद्राकर ने भी गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए। विपक्ष ने चावल, चना, गुड़ और नमक सभी में बड़े पैमाने पर गोलमाल का आरोप लगाया है। वहीं, इस मामले में मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में गरीबों को कम दरों में राशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीडीएस सिस्टम लागू किया गया था। यह बीजेपी शासनकाल में 2016 में पीडीएस सिस्टम बनाया गया था। इस सिस्टम में माड्यूल था जिससे फ़ूड इंस्पेक्टर हर राशन दुकान के बचे और वितरित स्टॉक की जानकारी देते थे। इससे कोई भी खाद्य विभाग के जनभागीदारी पोर्टल में हर राशन दुकान में बचे खाद्यान्न की मात्रा देख सकता था। बीजेपी का आरोप है कि,दिसंबर 2021 के बाद इसमें एंट्री बंद हो गई।
जनवरी 2022 से दिसंबर 2022 तक हर राशन दुकान को पूरा कोटा दिया गया लेकिन बचत स्टॉक नहीं हटाया गया। इसके साथ ही भाजपा नेताओं ने विधानसभा में सवाल खड़े करते हुए कहा है कि चावल, चना, शक्कर, गुड़ और नमक के आबंटन में तीन हजार राशन दुकानों में बचे चावल के स्टॉक 68 हजार 930 मीट्रिक टन का हिसाब नहीं है।
शीतकालीन सत्र के दौरान विधायक धरमलाल कौशिक ने मार्च 2020 से नवंबर 2022 तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को केंद्र सरकार ने कितना मुफ्त चावल वितरण करने की अनुमति दी है उसका ब्यौरा मांगा गया था। जिसके तहत मुंगेली और रायपुर सहित अन्य जिलों में 7200 क्विंटल चावल घोटाले का आरोप लगाया था। इसके जवाब में मंत्री ने गरीबों के कल्याण में सवाल करने और इस पर प्रश्न नहीं उठने की बात कही थी।

