रायपुर। “ढोलीदा.. ढोलीदा.. चोगाड़ा तारा छबीला तारा रँगीला तारा…” की मनमोहक धुन पर जब कदम थिरके, तो रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में सांस्कृतिक उत्सव अपने चरम पर पहुंच गया।

नवरात्रि के पावन अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में एक भव्य रास गरबा समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने पारंपरिक वेशभूषा में उमंग और उल्लास के साथ भाग लिया।
उत्सव की शुरुआत दीप प्रज्वलन और देवी दुर्गा की आराधना के साथ हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। इस आध्यात्मिक शुरुआत ने पूरे आयोजन को भक्ति, ऊर्जा और सांस्कृतिक एकता से भर दिया।
इसके बाद, दो-ताली और तीन-ताली गरबा की पारंपरिक शैलियों में सभी ने गोल घेरे में नृत्य किया। लोकप्रिय बॉलीवुड गीत जैसे “ढोल बाजे”, “चोगाड़ा”, “ढोलीदा” आदि की धुनों पर कदम थिरकते गए और पूरा परिसर एक जीवंत उत्सव स्थल में तब्दील हो गया।
विद्यार्थियों के रंग-बिरंगे परिधान, गरबा की लयबद्ध थाप, और स्टाफ की भागीदारी ने इस आयोजन को एक यादगार अनुभव बना दिया।
इस आयोजन ने विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामुदायिक भावना को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
