रायपुर। अगर सिंचाई कॉलोनी बन जाती, तो सैंकड़ों लोगों को मकान मिल जाते…अगर जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क बन जाता तो यह भारत में अपनी तरह का पहला पार्क होता…। नई कंपोजिट बिल्डिंग के लिए दस साल बाद 10 करोड़ रुपए मिले, लेकिन कुछ नहीं हुआ। विधायक, नेता, अफसर सब बदलते रहे, कागजों में बात चलती रही, धरातल पर कुछ नहीं हुआ। नतीजा ये है कि आज दस साल बाद भी 157 करोड़ की योजना बाट जोह रही है अपने पूरे होने का।
2010 से लेकर 2023 तक आठ कलेक्टर, 12 निगम आयुक्त, तीन महापौर, रायपुर की चारों विधानसभा से कई विधायक और सांसद बदल गए, लेकिन घोषणाएं नहीं बदलीं। कुछ घोषणाओं के लिए सरकार ने पैसे भी स्वीकृत किए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अप्पूघर खोलने के लिए 2010 में निगम ने घोषणा की थी, हुआ कुछ नहीं।
इस बजट में मेयर एजाज ढेबर ने फिर घोषणा की है। इसी तरह दलदल सिवनी में एम्यूजमेंट पार्क के लिए भी उसी वक्त 10 करोड़ सरकार ने दिए। ये पैसे खर्च हो गए, लेकिन एम्यूजमेंट पार्क बना ही नहीं। ऐसी कई घोषणाएं हैं, लेकिन आज तक इनके फॉलोअप पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। हम कुछ चुनिंदा घोषणाओं को यहां बता रहे हैं।
ड्डकंपोजिट बिल्डिंग में दो दर्जन विभाग एक साथ एक ही बिल्डिंग बनना था। 10 साल पहले जिला कलेक्टोरेट के पुराने भवन को इसके लिए तोड़ा गया। आज तक ड्राइंग डिजाइन भी नहीं बनी। 2023 में बजट में दस करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन इसके आगे कुछ नहीं हुआ है। अगर ये भवन बन जाता तो लोगों को एक ही स्थान पर कई विभाग मिलते और उन्हें इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता। राजधानी से पहले कई जिलों में नए कंपोजिट बिल्डिंग बनकर तैयार हो गए।
मेरे कार्यकाल में कंपोजिट बिल्डिंग का प्लान तैयार था, लेकिन फंड नहीं मिला।
– ओपी चौधरी, पूर्व कलेक्टर
इस बार के बजट में फंड मंजूर किया गया है। जल्द ही नई डिजाइन तैयार हो जाएगी।
डॉ. सर्वेश्वर भुरे, कलेक्टर
137 करोड़ की सिचाईं कॉलोनी योजना फेल
जीई रोड स्थित सिंचाई कॉलोनी में नई आवासीय और कमर्शियल कांप्लेक्स बनना था। इसके लिए 137 करोड़ थे। इसके लिए पुराने सरकारी मकानों के साथ ही गार्डन को भी तहस नहस कर दिया। लेकिन चार साल बीत गए, एक ईंट तक नहीं रखी गई है। पुरानी कालोनी को ढहाने के बाद जो प्लाट निकलेगा, उसमें हाउसिंग बोर्ड पहले तो सिंचाई विभाग को मकान बनाकर देगा। इसके बाद आम लोगों के लिए डुप्लेक्स बंगले और फ्लैट बनाने की की योजना तैयार की गई थी।
कोरोना के कारण प्रोजेक्ट लेट हुआ था। अब मामला मंत्रियों की समिति के पास है।
-कुलदीप जुनेजा, विधायक।

मामला राज्य सरकार के पास है। जैसे निर्देश मिलेंगे वैसा काम किया जाएगा।
-सत्यनारायण राठौर, कमिश्नर
जानिए कौन-कौन रहे इतने सालों अफसर, नेता
कलेक्टर
डा. रोहित यादव, सिद्धार्थ कोमल परदेसी, ठाकुर राम सिंह, ओपी चौधरी, डा. राजू, डा. एस. भारतीदासन, सौरभ कुमार, डा. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे।
निगम आयुक्त
ओपी चौधरी, रमेश शर्मा, राजेश सुकुमार टोप्पो, तारण प्रकाश सिन्हा, नरेंद्र कुमार दुग्गा, अवनीश कुमार शरण, डा. सारांश मित्तर, रजत बंसल, शिव अनंत तायल, सौरभ कुमार, प्रभात मलिक, मयंक चतुर्वेदी।
जनप्रतिनिधि
पूर्व महापौर किरणमयी नायक, पूर्व महापौर सुनील सोनी, अब एजाज ढेबर, पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी, विधायक कुलदीप जुनेजा (ज्यादातर योजनाएं उत्तर की ही हैं)।
जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क घिरता जा रहा विवादों में
जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए आज तक जगह मिल नहीं सकी। सूरत की तरह बनने वाली इस सराफा बाजार में सभी तरह की सुविधाएं होती। रायपुर सराफा एसोसिएशन ने बाजार के लिए पंडरी की जमीन देने की मांग की है। लेकिन इस जमीन पर थोक कपड़ा संघ ने भी अपना दावा ठोक दिया है। इस वजह से पांच साल बाद यह भी तय नहीं है कि जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क फिलहाल बनेगा कहां। ये बनता तो जयस्तंभ चौक के चारों ओर, सदरबाजार, सत्तीबाजार, हलवाई लेन और पंडरी का ट्रैफिक भी स्मूथ हो जाता।
मामला राज्य सरकार के पास है। पंडरी की जमीन के उपयोग के लिए राज्य सरकार से निर्देश मांगे हैं।
-मयंक चतुर्वेदी, आयुक्त
जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए डिजाइन तैयार हो गई है। जमीन नहीं मिली।
-हरख मालू, पूर्व अध्यक्ष सराफा एसोसिएशन
पंडरी जमीन पर क्या बनेगा दो साल बाद भी तय नहीं
पंडरीबस स्टैंड को रांवाभाठा में शिफ्ट करने के करीब दो साल बाद भी यह तय नहीं हो पाया है कि इस जमीन का उपयोग किस काम के लिए किया जाएगा। इस जमीन पर फिलहाल सराफा और कपड़ा कारोबारियों ने दावा ठोका है। फिलहाल इस जगह पर बनी पुरानी दुकानें खंडहर हो रही है। बस स्टैंड शिफ्ट होने के बाद यह सफाई होती थी, लेकिन बाद में उसे भी बंद कर दिया गया है। इसलिए बस स्टैंड में अब लगातार कचरे का भी ढेर लग रहा है।
थोक बाजार के लिए पंडरी में दुकानें कम हैं। इसलिए यह जमीन हमें मिलनी चाहिए।
-पृथ्वी पाल सिंह छाबड़ा, अध्यक्ष कपड़ा एसोसिएशन
पंडरी की जमीन पर नया सराफा बाजार बनाने महापौर को आवेदन दिया है।
-सुरेश भंसाली, अध्यक्ष सराफा एसोसिएशन
