

बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रयस्थल गिधवा-परसदा में छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण और बर्ड सफारी का शुभारंभ किया. इस कार्यक्रम में प्रदेश के खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, बेमेतरा के विधायक दिपेश साहू, साजा विधायक ईश्वर साहू, जिला पंचायत सदस्य मधु राय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रकृति प्रेमी मौजूद रहे.
सबसे बड़ा बर्ड वॉचिंग हब बनेगा गिधवा-परसदा: वन मंत्री
छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा, ”बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटक अब पक्षियों के जीवन, व्यवहार, प्रवास चक्र और जैव विविधता को वैज्ञानिक दृष्टि से समझ सकेंगे. क्षेत्रवासियों की संवेदनशीलता और भावनात्मक जुड़ाव के कारण यह इलाका देश का अनोखा वेटलैंड बन सका है. आने वाले समय में यह क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा बर्ड-वॉचिंग हब बनेगा.”
पर्यटन एवं रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बर्ड सफारी के संचालन से स्थानीय युवाओं को होम-स्टे, गाइडिंग, बोटिंग, ईको-टूरिज्म, लोकल उत्पाद बिक्री और ट्रांसपोर्ट सेवाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होगा. उन्होंने बताया कि वेटलैंड क्षेत्र को और विकसित करने के लिए सोलर लाइटिंग, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सूचना केंद्र, जैवविविधता अध्ययन केंद्र, पार्किंग स्थल और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा.
‘छत्तीसगढ़ का गौरव’
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा ,”गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा. यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा.”
मंत्री कश्यप ने बताया कि इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी और स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं. दशकों से यह क्षेत्र साइबेरिया, यूरोप और मध्य एशिया से आए पक्षियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास रहा है.
भारत का उभरता हुआ अंतरराष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट
गिधवा-परसदा वेटलैंड का भूगोल प्राकृतिक जलाशयों, विशाल आर्द्रभूमियों और शांत वातावरण से समृद्ध है. यह प्रवासी पक्षियों के लिए आदर्श माना जाता है. यहां हर साल सितंबर से मार्च के बीच करीब 270 प्रजातियों के पक्षी पहुंचते हैं.इनमें प्रमुख हैं:
बारहेडेड गूज
कॉमन टील
पिंटेल डक
नॉर्दर्न शवलर(Northern Shoveler)
ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क(Black-necked stork)
पेंटेड स्टॉर्क(Painted stork)
ओपनबिल स्टॉर्क(Openbill Stork)
सारस क्रेन (Sarus crane)
छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य
⦁ गिधवा-परसदा को राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग साइट के रूप में मान्यता मिले.
⦁ अंतरराष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में शामिल किया जाए
⦁ इस क्षेत्र को रैमसर साइट के रूप में प्रस्तावित करने की प्रक्रिया और तेज की जाए.
‘पक्षी स्वर्ग बनेगा गिधवा परसदा’
गिधवा-परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की जैव विविधता को संरक्षित करेगा. यह प्रदेश के पर्यटन, शोध, शिक्षा और पर्यावरणीय संवर्धन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा. यह पहल गिधवा-परसदा को ”भारत का प्रमुख पक्षी स्वर्ग” बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण
यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और हर साल बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है. यहां विभिन्न तालाबों, प्राकृतिक आर्द्रभूमि, संरक्षण क्षेत्रों और प्रवासी पक्षियों के आसरे के लिए उपयुक्त स्थल है. वर्तमान मौसम में गिधवा-परसदा पहुंचे पक्षी मार्च माह तक यहां विचरण करते हैं और फिर वापस लौट जाते हैं.
