जांजगीर-चांपा। यही वजह है कि डीईओ ने जांजगीर के बजाए दुर्ग के प्रिटिंग प्रेस से प्रश्न पत्र, उत्तरपुस्तिका, प्रगति पत्रक की छपाई कराई है, बताया जा रहा है कि पूरे जिले भर के प्रश्न पत्र, उत्तरपुस्तिका, प्रगति पत्रक की छपाई में तकरीबन 76 लाख रुपए का बिल बना है, डीईओ ने आपिस के सारे काम काम को अपने हाथों में ले लिया है, क्लर्क पर भरोसा न करते हुए उन्होंने विभाग के सारे खर्च खुद कर रहा है पाइल चलाने के लिए एक काम चलाउ क्लर्क को साथ लिया है, उससे पूरा काम लेकर सारी पंडिंग अपने हाथों कर रहा है जिससे डीईओ आपिस के कर्मचारियों में रोष पनप रहा है। डीईओ ने तो पहले अधिक सभी कर्मचारियों का प्रभार बदला, इसके बाद उनके पर नोडल अधिकारी बना दिया। इसके बाद सारे खर्चों की बिलिंग खुद करने लगा है। यानी डीईओ आपिस के किसी भी क्लर्क पर उन्हें भरोसा नहीं रह गया है। इससे पहले भी दो क्लर्क आज भी जेल की हवा खा रहे हैं। इससे आपिस में कर्मचारियों की कमी है। इसके बाद कर्मचारियों के काम काज में विश्वास नहीं जता पाना उनकी कार्यशैली का विरोध बढ़ रहा है।

बीईओ भी लगा रहे चक्कर
प्रश्न पत्र, उत्तरपुस्तिका, प्रगति पत्रक की कम सप्लाई होने से सभी विकासखंड के बीईओ अच्छे खासे परेशान हैं। क्योंकि उनके मांग के अनुरूप प्रश्न पत्र, उत्तरपुस्तिका, प्रगति पत्रक नहीं मिल पाई है। ऐसे में बीईओ व अन्य कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
