रायगढ़। बड़े अतरमुड़ा में आदिवासी भूमि में अवैध प्लाटिंग की तैयारी का मामला सामने आने के बाद एसडीएम ने संबंधित पटवारी को प्रतिवेदन देने कहा है, लेकिन अब तक इस मामले में संबंधित पटवारी ने प्रतिवेदन नहीं दिया है। ऐसी स्थिति में अवैध प्लाटिंग के इस खेल में राजस्व विभाग के नीचले स्तर के कर्मचारियों का संरक्षण मिलने की बात कही जा रही है।
बड़े अतरमुड़ा में हाऊसिंग बोर्ड के दीनदयाल पूरम कालोनी से के पीछे आदिवासी जमीन में अवैध प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। यहं पर खडिय़ां जाति के करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों की निजी भूमि है जो कि कृषि भूमि के रूप में राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। इस भूमि को बिना डायवर्सन के ही अवैध प्लाटिंग करने के लिए समतलीकरण कराया जा रहा है। मिट्टी पाटकर करीब दो से ढाई एकड़ भूमि को समतलीकरण किया गया है। सूत्रों की माने तो सतलीकरण करने के बाद कागजों में प्लाटिंग कर उसे विक्रय करने के लिए सौदा करने का खेल शुरू हो चुका है। भूमि का प्रायोजन समतलीकरण् करके बदल दिया गया है, ऐसी स्थिति में संबंधित पटवारी व रजस्व विभाग के कर्मचारी इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जबकि एडीएम ने इस मामले में संबंधित पटवारी को प्रतिवेदन पेश करने के लिए कहा है, लेकिन इतने दिनों बीत जाने के बद अब तक प्रतिवेदन भी पेश नहीं किया गया है।
ग्रुप विशेष कर रहा है काम
विजयपुर में बस्ती के पीछे, मैट्रो अस्पताल के पास व बोईरदादर क्षेत्र में कई अवैध प्लाटिंग कर चुके एक ग्रुप द्वारा पर्दे के पीछे रहकर पूरा खेल खेला जा रहा है। इस ग्रुप द्वारा निजी भू-स्वामियों को सामने कर अपना लाभ अर्जित करने की तैयारी में हैं।
न सीमांकन न कुछ सीधे प्लाटिंग की तैयारी
एक ही परिवार के आधा दर्जन से अधिक लोगों के नाम पर वहां पर जमीन है, ऐसी स्थिति में बिना सीमांकन के पहले सभी की जमीन को एक साथ समतल कर मैदान बना दिया गया है।
वर्सन
पटवारी प्रतिवेदन के लिए निर्देश दिया गया है, प्रतिवेदन मिलने के बाद संबंधित के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गगन शर्मा, एसडीएम रायगढ़

