रायगढ़। पिछले दिनों जिले के धान खरीदी केंद्रों के प्रबंधकों ने सहकारिता विभाग के उप पंजीयक के खिलाफ कलेक्टर को लिखीत में शिकायत किया था जिसमें कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच शुरू हो गई है। इसमें बयान के लिए संबंधित कर्मचारियों को बुलाया गया था।
समर्थन मूल्य में धान खरीदी के बाद हर वर्ष केंद्रों में गड़बड़ी सामने आती है लेकिन कभी भी यह देखने को नहीं मिला कि किसी उप पंजीयक के खिलाफ सीधे आरोप लगा हो। इस बार प्रबंधकों ने सीधे उप पंजीयक पर लेन-देन करने का आरोप लगाते हुए शिकायत किया है, प्रबंधकों के उक्त शिकायत को कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा ने गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर राजीव पांडेय को जांच के लिए निर्देशित किया है। उक्त मामले में अपर कलेक्टर ने जांच शुरू कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में प्रबंधकों द्वारा जिन कर्मचारियों के माध्यम से समितियों में दबाव बनाने का आरोप लगाया है उक्त कर्मचारियों को बुलाया गया था, विभागीय सूत्र बताते हैं कि उक्त दोनो महिला कर्मचारियों से शिकायत के आधार पर पुछताछ किया गया साथ ही मामले से जुड़े जानकारी ली गई है। बयान लेने की बात भी समाने आ रही है।
जिले के खरसिया, लैलूंगा, रायगढ़, घरघोड़ा, तमनार और पुसौर विकासखंड क्षेत्र के प्रबंधकों ने कलेक्टर को लिखीत में शिकायत किया था। जिसमें उप पंजीयक सहकारिता पर आरोप लगाया है कि समितियों में क्रय किए गए धान के एवज में प्रति क्विंटल के हिसाब से चढ़ावा की मांग की गई है। कई समितियों से उक्त चढ़ावा मताहत कर्मचारियों के माध्यम से लिए जाने की बात भी सामने आई है। समिति प्रबंधकों ने मौखिक रूप से यह भी बताया कि दो महिला कर्मचारियों के माध्यम से इस काम को अंजाम दिया गया है।
इस मामले में हांलाकि जांच चल रही है, लेकिन विभागीय सूत्रों की माने तो इस मामले में अगर सख्ती से जांच की जाए तो इस मामले में पर्दे के पीछे और कई चेहरे सामने आने की बात कही जा रही है। हांलाकि शिकायत की वास्तिवक्ता जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
वर्सन
हां उच्च अधिकारियों से उप पंजीयक के खिलाफ शिकायत हुई है, शिकायत की जांच की जा रही है। जल्द ही जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
राजीव पांडेय अपर कलेक्टर रायगढ़

