दुर्ग: जिले के भिलाई में जयंती स्टेडियम में बागेश्वर पीठ पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दिव्य हनुमंत कथा चल रही है. शुक्रवार 26 दिसंबर को कथा का दूसरा दिन रहा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे. इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या देवी, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय और सांसद विजय बघेल की धर्मपत्नी रजनी बघेल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.

हनुमान चालीसा की चौपाई की व्याख्या: कथा के दूसरे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान चालीसा की छठवीं चौपाई हाथ बज्र और ध्वजा विराजे की व्याख्या करते हुए कहा कि यह चौपाई शक्ति और धर्म रक्षा का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सनातन धर्म की रक्षा और निर्दोष हिंदुओं की सुरक्षा के लिए आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ साहस और संगठन भी जरूरी है.
हनुमान चालीसा आध्यात्मिक मूल्यों का सार: पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान जी की श्रीराम के प्रति निष्ठा, सेवा और समर्पण का महत्व बताया. कहा कि हनुमान जी के बिना श्रीराम अधूरे हैं. उन्होंने कहा कि हनुमान चालीसा केवल स्तुति ग्रंथ नहीं बल्कि मानव जीवन के नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का सार है. यदि मनुष्य इसे अपने आचरण में उतारे तो जीवन में निश्चित रूप से कल्याण होता है. कथा के दौरान श्रीराम और हनुमान जी की भक्ति से जुड़े भजन गाए गए, जिसमें श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए.लगेगा दिव्य दरबार: शनिवार को कथा के तीसरे दिन दोपहर 1 से 3 बजे तक दिव्य दरबार लगाया जाएगा, जिसमें पर्ची के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान बताए जाएंगे, इसके बाद दोपहर 3 से 6 बजे तक फिर कथा का आयोजन होगा.
