अंबिकापुर-मैनपाट में पारा 1.5 डिग्री तक गिरा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सर्दी लगातार अपने चरम पर है। पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में तापमान रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जबकि मैदानों में भी कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। शीतलहर की चेतावनी के बीच कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

अंबिकापुर-मैनपाट में पारा 1.5 डिग्री तक गिरा
प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल अंबिकापुर और मैनपाट में तापमान 1.5°C दर्ज किया गया है, जो इस सीजन का सबसे न्यूनतम स्तर है। पहाड़ी इलाकों में ओस की बूंदें जमकर बर्फ में तब्दील हो गईं। खेतों, सड़कों और घरों की छतों पर सफेद परत साफ दिखाई दी। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 48 घंटों में तापमान में और गिरावट हो सकती है, खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में।
पांच जिलों में 10 जनवरी तक स्कूल बंद, 17 जिलों में शीतलहर अलर्ट
कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने पांच जिलों में 10 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने 17 जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। राजधानी रायपुर सहित कई हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है, जिससे सुबह-शाम ठिठुरन और बढ़ गई है वहीं दुर्गापुर रोड पर तापमान 7°C तक लुढ़क गया है।
राजधानी समेत कई जिलों में शीतलहर का असर
रायपुर, दुर्ग, महासमुंद और धमतरी में रात के तापमान में अचानक गिरावट आई है। सुबह धुंध की मोटी परत के चलते दृश्यता भी कम हो रही है, वहीं शाम होते ही शीतलहर का असर तेज हो जाता है। लगातार गिरते तापमान से जनजीवन पर असर पड़ रहा है। खुले में काम करने वाले मजदूर, दूध वाले, सब्जी विक्रेता और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
