बस्तर में सरपंच संघ का हल्ला बोल, नेशनल हाईवे किया जाम, कांग्रेस ने दिया
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर में सरपंच संघ ने शुक्रवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है. 33 गांवों के सरपंचों ने पंद्रहवें वित्त आयोग से राशि जारी नहीं होने पर अपना विरोध जताया है. सभी सरपंच 6 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए. सरपंचों ने बस्तर जिले के 33 गांवों में पंद्रहवें वित्त की राशि जारी नहीं होने के विरोध में शुक्रवार को किलेपाल में बड़ा चक्का जाम किया.

इस चक्का जाम का समर्थन कांग्रेस पार्टी ने भी किया. 33 गांवों के ग्रामीण और सरपंच संघ के सदस्य अपनी 06 सूत्रीय मांगों को लेकर एकजुट हुए और नेशनल हाईवे 63 पर बैठकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. करीब एक घंटे तक चले इस जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. इस विरोध प्रदर्शन से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
सरपंच ब्लॉक अध्यक्ष बामन गावड़े ने बताया कि बीते एक वर्ष से जनपद पंचायत के माध्यम से विकास कार्यों की राशि जारी नहीं की गई है. जिससे गांवों में सभी जरूरी काम पूरी तरह ठप पड़े हैं. नालियों की मरम्मत, बिजली से जुड़ी समस्याएं, सड़क निर्माण, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं.
बोरिंग का मरम्मत कराने से लेकर सड़कों पर मुरूम डालने तक के लिए पंचायतों के पास एक रुपया तक नहीं है. कई बार कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई. लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसलिए हमने विरोध प्रदर्शन किया है- बामन गावड़े, अध्यक्ष, सरपंच संघ, छत्तीसगढ़
कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया. कांग्रेस ने इसे ग्रामीण विकास के साथ अन्याय बताया. सरपंचों का साफ कहना है कि जब तक गांवों के विकास के लिए पेंडिंग राशि जारी नहीं की जाती है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
