कवर्धा: जिले में बीती रात उस समय हड़कंप मच गया, जब जंगल से भटककर तीन भालुओं का दल 17वीं बटालियन क्षेत्र अंतर्गत जैतपूरी और रामचुआ गांव के आसपास देखा गया. भालुओं की मौजूदगी की खबर फैलते ही ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपने-अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए.

गांव के आसपास दिखे 3 भालू
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात भालू गांव से लगे खेतों और बस्तियों के आसपास घूमते नजर आए. कुछ ग्रामीणों ने मोबाइल की रोशनी में भालुओं को देखा, जिसके बाद तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई. यह क्षेत्र भोरमदेव अभयारण्य से लगा हुआ है, जहां से अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही होती रहती है, लेकिन गांव के इतने नजदीक भालुओं के पहुंचने से लोग सहम गए.
सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया और वनकर्मियों की टीम को मौके पर रवाना किया गया. वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में सतत निगरानी शुरू कर दी है. एहतियातन गांवों में मुनादी कराई गई और ग्रामीणों से अपील की गई कि वे रात के समय घरों से बाहर न निकलें, अकेले खेत या जंगल की ओर न जाएं और बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता के साथ सुरक्षित रखें.
भालुओं के पास नहीं जाने की अपील
वन अमले द्वारा भालुओं की ट्रैकिंग की जा रही है, हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि भालुओं का दल किस दिशा में गया है. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और भालुओं को देखकर उन्हें भगाने या नजदीक जाने का प्रयास न करने की अपील की है. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है.
भालुओं की ट्रैकिंग में वन विभाग
वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि रात में सूचना मिलते ही वनकर्मियों को तत्काल मौके पर रवाना किया गया था, लेकिन तब तक भालू वहां से जा चुके थे. रातभर गश्त की गई और सुबह से फिर से भालुओं की ट्रैकिंग की जा रही है. फिलहाल वन विभाग अलर्ट मोड में है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
