मिथलेश देवांगन, राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की एक ग्राम पंचायत ने गांव में पक्‍की सड़क, उद्यान, स्‍ट्रीट लाइट, महिलाओं के अलग भवन के साथ ही अग्निवीरों की भर्ती के लिए स्कूल मैदान में पांच सौ मीटर का एक रनिंग ट्रैक भी तैयार किया है।

राजनांदगांव जिला मुख्यालय से लगभग 23 किलोमीटर दूर स्थित ठेलकाडीह से लगे धौराभांठा गांव में युवाओं में सपना साकार होने लगा है। यहां अग्निवीरों के लिए सर्वसुविधायुक्त मैदान तैयार किया जा रहा है।

अब शारीरिक दक्षता से जुड़े अन्य अभ्यासों के लिए भी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। पहले जहां स्कूल मैदान को समतल कराने के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये जुटाए गए थे।

वहीं, बाकी कामों के लिए ग्राम पंचायत को 15वें वित्त आयोग से एक लाख रुपये की स्वीकृति मिल गई है।

ग्रामीण विकास और इतिहास विषय में एमए कर चुके सरपंच नोमेश वर्मा ने अपनी पढ़ाई का सदुपयोग करते हुए गांव के सर्वांगीण विकास की रूपेरखा तैयार कर ली है।

ऐसे आया आइडिया

सरपंच नोमेश को यह आइडिया तब आया जब वे खुद पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे थे। मैदान के अभाव में वे खुद गांव की सड़क पर सुबह-शाम दौड़ लगाते।

उनके साथ अन्य युवा भी होते, लेकिन भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के चलते सड़क पर सुरक्षित ढंग से दौड़ लगा पाना मुश्किल होता था।

तैयारी के लिए अभ्यास से जुड़े अन्य संसाधनों की कमी के चलते भी अपेक्षित तैयारी नहीं कर पाने के कारण युवा अपने लक्ष्य तक पहुंच ही नहीं पा रहे थे।

इस कारण उन्होंने गांव में ही अग्निवीर व पुलिस भर्ती में लगे युवाओं को जरूरी साधन-सुविधा उपलब्ध कराने की ठानी।

पांच युवा सेना और तीन पुलिस में

धौराभांठा में वर्तमान में सेना व पुलिस सेवा में आठ लोग हैं। पांच युवा सेना से जुड़कर देश की सेवा कर रहे हैं। तीन युवक पुलिस में हैं।

नोमेश ने बताया कि रनिंग ट्रैक को पूरी तरह से तैयार करने के बाद जागिंग, जिमिंग व अन्य आवश्यक उपकरण भी लगाने की योजना है।

वहां फिर शारीरिक व शैक्षणिक तैयारी के लिए विषय विशेषज्ञों की सेवा लेकर युवाओं को सेना में जाने के लिए तैयार कराया जाएगा।

100 से अधिक युवाओं को लाभ

धौराभांठा में अभी अग्निवीर की भर्ती के लिए 35 युवा पसीना बहा रहे हैं। ट्रैक व अन्य संसाधन जुटने के बाद वहां आसपास के दर्जनभर गांवों के 100 से अधिक युवा जुड़ेंगे, जो अभी अपने गांवों में ही स्थानीय स्तर पर या फिर 25 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय आकर तैयारी कर रहे हैं।

उन्हें शारीरिक अभ्यास के अलावा लिखित परीक्षा जैसी अन्य तैयारियों के लिए भी विशेषज्ञों की निश्शुल्क सेवा का भी लाभ मिलेगा।

व्यक्तित्व विकास पर भी जोर

पंचायत की टीम युवाओं को व्यक्तित्व विकास से भी जोड़ने में लगी है। इसके लिए राष्ट्रीय सेवा योजना और राष्ट्रीय कैडेट कोर जैसे संगठनों के माध्यम से समय-समय पर गांव में शिविर लगाकर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।

साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कैरियर गाइडेंस कैंप भी लगाया जाता है। इसके साथ ही गांव में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लोगों में अच्छी जागरूकता है। बारिश के दिनों में वहां रोपे गए पौधों में से कुल 45 पेड़ बन चुके हैं।

महिलाओं के लिए बनाया भवन

स्कूल मैदान के किनारे कई जगह अतिक्रमण था। रनिंग ट्रैक तैयार करने के दौरान अन्य अवैध कब्जों के साथ इसे भी हटाया गया। बाद में एक हिस्से पर महिलाओं की गतिविधियों के लिए एक भवन बनाया गया।

इतना ही नहीं अतिक्रमण कर मकान बनाने वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी दिया गया। गांव में एक सार्वजनिक मंच भी है। पंचायत की अपील पर वहां से भी कब्जा हटाया गया।

अन्‍य प्रमुख विकास कार्य

  • सभी पात्र 74 लोगों को पेंशन का लाभ।
  • मुख्य स्थानों में सोलर हाईमास्ट लाइट।
  • गांव की सभी गली में पक्की सड़क है।
  • सभी गली मे स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था।
  • गांव के एकमात्र कुएं की सफाई व गहरीकरण ।
  • वर्षा जल को तालाब तक पहुंचाने के लिए पक्की नाली।
  • पंचायत भवन के एक हिस्से में छोटा सा उद्यान।

युवाओं को रोजगार के रूप में सेना से जोड़ने की इस पहल से पूरी पंचायत जुड़ी हुई है। यही कारण है कि सांसद ने मैदान के लिए मांग पर तुरंत 10 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी। -नोमेश वर्मा, सरपंच, धौराभांठा