रायपुर,। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को नशामुक्त राज्य बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार शराबबंदी कर सकती है, लेकिन तब लोग दूसरे राज्यों से शराब लाकर पिएंगे। कोरोना काल में शराब नहीं मिलने पर लोग सैनिटाइजर पीने लगे थे। इससे मौतें हुईं। यह देखने के बाद हिम्मत ही नहीं हुई कि शराबबंदी का आदेश दे दूं।

लोगों को शराब न पीने के लिए प्रेरित करना होगा : भूपेश बघेल
भूपेश बघेल ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले वह एक महिला सम्मेलन में गए थे, जहां शराबबंदी की मांग होने लगी। महिलाओं के दबाव में आकर उन्होंने घोषणा कर दी कि राज्य में शराबबंदी होनी चाहिए, लेकिन यह कोई समाधान नहीं है। हम यहां शराबबंदी करेंगे तो लोग पड़ोसी राज्यों से शराब लाकर बेचने लगेंगे। कोरोना लाकडाउन में जब पूरे देश में आवाजाही बंद थी, तब भी लोग नशे का जुगाड़ कर ही लेते थे। कुछ लोगों ने सैनिटाइजर तक पी लिया। सरकार ऐसी कोई योजना लागू नहीं करना चाहती, जिससे किसी की जान चली जाए। शराबबंदी के बजाय नशामुक्ति के लिए अभियान चलाने की जरूरत है।
