जांजगीर चंपा। अवैध प्लाटिंग करने वालों को प्रशासन का कोई खौफ नहीं है। तभी तो अवैध प्लाटिंग कर प्लाट को बेचने के लिए चोरी-छिपे नहीं बल्कि खुलेआम प्रचार-प्रसार हो रहा है। हद तो यह है कि बकायदा पाम्पलेट-पोस्टर लगाकर अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है लेकिन शासन अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने में पूरी तरह से नाकाम नजर आ रहा है। चांपा. चांपा क्षेत्र में अवैध प्लाट कर्ताओं के हौसले किस कदर बुलंद है इस बात का अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि चांपा से कोरबा जाने वाले मुख्य मार्ग पर प्लाट बेचने के लिए बकायदा पोस्टर लगाकर अवैध प्लाटिंग का विज्ञापन किया जा रहा है। बोर्ड जिस पर अवैध प्लाटिंग करने वाले कॉलोनाइजर्स का नाम और नंबर भी लिखा है। अवैध प्लाटिंग कर्ताओं ने नगर को चारों तरफ से अवैध प्लाटिंग कर घेर दिया है। चाहे वह कोरबा रोड हो बिर्रा रोड हो मड़वा रोड हो कुरदा रोड होए सभी दिशाओं में खेतों को प्लाट बनाकर बेचने का गोरखधंधा कई वर्षों से चला रहा है। कुछ माह पूर्व मुख्य नगरपालिका अधिकारी के आवेदन पर 7 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट थाने में दर्ज हुई थी ।लेकिन यह सातों छोटी मछलियां है बड़े मगरमच्छ तक प्रशासन के हाथ पहुंच नहीं रहे या उन पर करवाई करने में कांप रहे है।
चांपा एसडीएम आराध्या राहुल कुमार ने कहा…..
इस संबंध में चांपा एसडीएम आराध्या राहुल कुमार ने कहा कि तहसीलदार को इस संबंध में जांच करने के लिए निर्देशित किया गया है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी चांपा को भी अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ कारवाई करने कहा गया है बाकी जानकारी आप मुख्य नगरपालिका अधिकारी चांपा से ले सकते हैं। जानकारों का मानना है कि प्रशासन की तरफ से अवैध प्लाटिंग करने वालों को नोटिस तो जरूर भेजा जाता है लेकिन उसके बाद अवैध कटिंग करने वाला अधिकारियों की सेवा में लग कर अपना काम निकाल लेता है।
नाला तक को नहीं छोड़ रहे
उल्लेखनीय है कि बस स्टैंड से कॉलेज जाते समय मोड़ पर एक नाला था जिससे बरसाती पानी में आता था और बंधवा तालाब में भरता था। प्लाटिंग करने वालों ने उसे भी पाट दिया। इसकी शिकायत भी प्रशासन से की गई थी जिस पर तत्कालीन एसडीएम सुभाष राज ने इसे पूर्ववत रखते हुए नाले को पुने: बनानेका आदेश दिया था। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद उनका आदेश भी लगता है गुम हो गया है। लोगों में इस बात की चर्चा आम है कि क्या चांपा क्षेत्र में मात्र 7 लोग ही अवैध प्लाटिंग करने वाले हैं जिनके खिलाफ रिपोर्ट चांपा थाने में दर्ज हुई है। चांपा क्षेत्र में मात्र कुछ एक ही प्लाटिंग रेरा से प्रमाणित है। इसके अलावा क्षेत्र की सारी प्लाटिंग अवैध है। नियमत: खेत को प्लाट काटकर बेचने के लिए जमीन का डायवर्सन कराना आवश्यक होता है लेकिन बिना डायवर्शन के धड़ल्ले से जमीन बेची जा रही है।

