रायपुर .नगर निगम आयुक्त ने एक ठेकेदार पर FIR करने का आदेश दे दिया, मगर पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। आदेश के 3 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक इस आदेश का पालन नहीं किया गया। ठेकेदार पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है । आदेश निगम आयुक्त IAS अधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने जारी किया था।
मयंक चतुर्वेदी की तरफ से जारी किए गए आदेश में लिखा था कि जोन क्रमांक 6 स्थित चंद्रशेखर आजाद वार्ड क्रमांक 60 के रावतपुरा कॉलोनी फेस टू के अंतर्गत अलग-अलग जगहों पर सीसी रोड और नाली निर्माण के कार्यों में ठेकेदार के काम में बड़ी अनियमितता सामने आई है। इसलिए उन्होंने इस मामले में जाेन के कमिश्नर को एफ आई आर दर्ज करने के आदेश दिए। साथ ही आदेश में यह भी लिखा कि शासन के सभी निर्माण विभागों में 3 साल के लिए इस ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाए। ठेकेदार का नाम भरत वलेचा है।

कई भाजपा-कांग्रेस नेताओं के करीबी भरत वलेचा के मामले में निगम मुख्यालय में कई दिनों से शिकायत मिल रही थी। इसके बाद निगमायुक्त ने एक जांच कमेटी बनाकर इस पूरे मामले की जांच करवाई किसमें ठेकेदार के खिलाफ कई अहम सबूत नगर निगम अधिकारियों को मिले। इसी के बाद आयुक्त ने एफआइआर दर्ज कराने का आदेश 24 मई को जारी किया था। इस बारे में ने जोन 6 के कमिश्नर रमेश जायसवाल से बातचीत की । जायसवाल ने बताया कि इस मामले में ठेकेदार पर f.i.r. नहीं हो सकी है। क्योंकि पुलिस इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांग रही है। हम टिकरापारा थाने में रिपोर्ट कराने हम पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस इस मामले की जांच रिपोर्ट मांग रही है अब नगर निगम मुख्यालय से इस केस की पूरी फाइल और जांच रिपोर्ट मंगवाई गई है, इसके बाद ही इस मामले में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सारा विवाद 2 साल पहले हुए निर्माण कार्य को लेकर है। जिसमें सड़क और नालियां बनाई गई थी। इसमें भारी अनियमितता सामने आई है, जिनका खुलासा जांच रिपोर्ट में है।
