बस्तर घूमने आने वाले पर्यटक पूरे आदिवासी कल्चर को जी सके और यहां की खूबसूरत वॉटर फाल्स और अन्य पर्यटन स्थलों की खूबसूरती निहारने के साथ ही आदिवासी कल्चर का भी लुत्फ उठा सकें इसके तहत ही होमस्टे बनाया गया है.

बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से ग्रामीणों के द्वारा शुरू किए गए ट्राइबल होमस्टे को पर्यटकों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. इसके चलते अब लगातार बस्तर जिले के ग्रामीण अंचलों में होमस्टे कि सुविधा बढ़ाई जा रही है. खास बात यह है कि ट्राइबल होमस्टे का आदिवासी कल्चर पर्यटकों को काफी लुभा रहा है.साथ ही पर्यटकों को बस्तर का स्थानीय व्यंजन और खूबसूरत वादियों के बीच बने होमस्टे में रुकना काफी पसंद आ रहा है, जिस वजह से अब जिला प्रशासन ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने और ज्यादा से ज्यादा होमस्टे शुरू करने के लिए प्रेरित कर रहा है. बस्तर के पर्यटन स्थलों के आसपास सबसे ज्यादा होमस्टे बनाए जा रहे हैं.इसके लिए उनके घर भी होमस्टे के रूप में तैयार किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को यहां सारी सुविधाएं मिल सके और पर्यटक इनमें रहकर बस्तर के आदिवासी कल्चर का लुत्फ उठा सके. ठंड के मौसम में ग्रामीण अंचलों में मौजूद होमस्टे को पर्यटकों का अच्छा रिस्पांस भी मिल रहा है.दरअसल, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बस्तर में पर्यटन से रोजगार प्राप्त करने की अपार संभावनाएं हैं. यहां के खूबसूरत वॉटरफॉल्स, नैसर्गिक वन और आदिवासी कल्चर पर्यटकों का मन मोह लेते हैं, लेकिन हमेशा से ही यहां पर्यटकों के ठहरने को लेकर शिकायत मिलती रही हैं.


यहां ज्यादा रिजॉर्ट की सुविधा और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं होने से पर्यटक काफी निराश होते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. बस्तर जिले के ग्रामीण इलाकों में शुरू किए गए होमस्टे पर्यटकों को काफी लुभा रहे हैं.

पूरी तरह से आदिवासी कल्चर में बने कई होमस्टे में पर्यटकों को बस्तर के लोकल व्यजंन परोसे जा रहे हैं. साथ ही पर्यटकों को पारंपरिक आदिवासी नृत्य करने का भी मौका मिल रहा है. इसके अलावा पर्यटक आदिवासी वेशभूषा पहनकर भी आदिवासियों के कल्चर को समझ रहे हैं. साथ ही दोना पत्तल में स्वादिष्ट व्यंजन का लुफ्त उठा रहे हैं.

बस्तर घूमने आने वाले पर्यटक पूरे आदिवासी कल्चर को जी सके और यहां की खूबसूरत वॉटर फाल्स और अन्य पर्यटन स्थलों की खूबसूरती निहारने के साथ ही आदिवासी कल्चर का भी लुत्फ उठा सकें इसके तहत ही होमस्टे बनाया गया है. साल के आठ महीने तक होमस्टे को देश विदेश से पहुंचने वाले पर्यटकों का अच्छा रिस्पांस भी मिल रहा है.
