
बिर्रा पुलिस के अनुसार प्रार्थी नम्मू लाल पटेल निवासी ग्राम देवरानी थाना बिर्रा के द्वारा 17 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 2.5 एकड़ भूमि खेत है। जिसको आरोपी परमानंद कर्ष निवासी पवनी बिलाईगढ़ जिला सारंगढ़ एवं उसके साथियों तथा संबंधित तत्कालिक हल्का पटवारी के द्वारा फर्जी तरीके से सांठगांठ कर जमीन का नमांतरण कर नेट आईडी में 2.5 एकड जमीन को लगभग 12 एकड़ जमीन बनाकर बी-1 एवं अन्य दस्तावेज से कूटरचित कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर एचडीएफसी बैंक राजिम जिला गरियाबंद से 22 लाख रुपए का लोन लिया था। जिसकी रिपोर्ट पर थाना बिर्रा में आरोपियों के विरूद्ध धारा 420, 467, 468, 471 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया। धोखाधड़ी के मामले को गंभीरता से लेते हुए बिर्रा पुलिस द्वारा आरोपी परमानंद कर्ष निवासी पवनी बिलाईगढ़ जिला सारंगढ़ को उसके घर से पकड़ा। जिसको हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई। जो जुर्म स्वीकार करने एवं आरोपी के विरूद्ध अपराध धारा सदर का सबुत पाए जाने से गिरफ्तार कर १८ जनवरी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। उक्त कार्रवाई में कृष्ण पाल सिंह थाना प्रभारी बिर्रा, सउनि शेख सफी उल्ला खान, फुलेश्वर सिंह सिदार, आरक्षक रघुवीर यादव, सनोहर जगत, कृष्णा महिलांगे एवं थाना बिर्रा स्टाफ का योगदान रहा।

प्रकरण के अन्य आरोपीगण फरार
पुलिस के मुताबिक प्रकरण के अन्य आरोपीगण फरार हैं जिसकी पतासाजी जारी है। पुलिस के अनुसार मामले में जमीन की कूटरचना करने में पटवारी, आरआई, तहसीलदार की भी भूमिका संदिग्ध है। क्योंकि किसी जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण करने में इन अधिकारियों की भूमिका प्रमुख रहती है। कुछ इस मामले में इसी तरह की शिकायत एसपी से हुई है। एसपी ने पूरे मामले में तह तक जाने की बात कही है। उनका मानना है कि इस तरह के फर्जीवाड़ा करने वाले कोई भी हो बख्से नहीं जाएंगे।
बैंक ने बिना जाने परखे आखिर कैसे दे दिया लोन
इधर फर्जी कागजात के माध्यम से आसानी से बैंक के द्वारा लोन दिया जाना भी संदेह के दायरे में आता है। बैंक ने जमीन के कागजात भी ढंग से पड़ताल नहीं की और आसानी से आंख मूंदकर लोन पास कर दिया। इससे बैंक की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। एक ओर आम व साफ सुथरे आदमी को लोन देने में बैंक के चक्कर काटते थक जाना पड़ता है। जबकि एचडीएफसी बैंक ने फर्जी कागजात से आसानी से २२ लाख रुपए का लोन पास कर दिया। यह भी जांच का विषय है।
पहले भी हो चुका इस तरह का फर्जीवाड़ा
कुछ इसी तरह का फर्जीवाड़ा पहले भी जिले में कई बार हो चुका है। शहर के पंजाब नेशनल बैंक ने एसईसीएल के कर्मचारी के नाम पर फर्जीवाड़ा करते हुए लाखों रुपए का लोन निकल गया था। मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद भी लोग इस तरह का फर्जीवाड़ा करने में गुरेज नहीं कर रहे हैं।
