

नक्सलियों का सफाया करने के लिए आगामी 4 महीने तक लगातार निर्णायक अभियान चलेगा। इसके लिए किसी भी तरह के संसाधनों की कमी नहीं आऐगी। प्रभावित इलाकों को कवर करने के लिए अतिरिक्त फोर्स को तैनात करने और उन इलाकों में सड़क बिजली, पानी, कनेक्टिविटी की समस्या को दूर करने पर चर्चा हुई।
साथ ही सर्वाधिक प्रभावित इलाकों के लिए अलग से रोडमैप बनाकर मुहिम चलाने के लिए प्लान भेजने कहा गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों का सफाया करने और उनके खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की रविवार को समीक्षा की। इस दौरान प्रभावित इलाके के एसपी, कलेक्टर और ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों से सीधी बात की।
उन्होंने दो टूक कहा कि नक्सल हिंसा को समेटने के लिए बडा़ एक्शन प्लान तैयार करें। इस समय सुरक्षा बलों और सभी केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों के कारण नक्सल समस्या राज्य के कुछ हिस्सों तक ही सीमित है। अगले तीन वर्षों के भीतर इसे पूरी तरह से मुक्त करने की जरूरत है।
उ्न्होंने कहा कि नक्सलियों और उनके मददगारों को टारगेट करने एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होने कहा कि सुरक्षा कमियों को दूर करने के साथ ही फंडिग के रास्तों को बंद करने के लिए खुफिया ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, मुख्य सचिव अभिताभ जैन, डीजीपी अशोक जुनेजा के साथ ही ऑपरेशन से जुडे़ अधिकारी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, आईबी के डीजी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हिंसक घटनाओं में कमी
केद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि फोर्स द्वारा लगातार अभियान चलाए जाने से नक्सल हिंसा में कमी आई है। अब यह प्रदेश के कुछ हिस्सों तक ही सीमित है। जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल उग्रवाद से प्रभावित राज्यों में करीब 75 फीसदी तक सुधार आया है। इसे देखते हुए सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम अब उत्तरपूर्व के करीब 80 फीसदी क्षेत्रों से हटा लिया गया है। उन्होने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इंटेलिजेंस की टीम को और सक्रिय करने की जरूरत है।
नई बटालियन का उपयोग
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ चलाने जा रहे अभियान को विस्तार देने के लिए 3 नई बटालियन जल्दी ही भेजी जाएगी। इसे सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में उपयोग करने और उन इलाकों को कवर करने पर चर्चा हुई। उन्होंने सभी एसपी और कलेक्टर से नक्सलियों प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे ऑपरेशन और विकास कार्यो्ं की जानकारी ली। साथ ही कहा कि स्थानीय निवासियों का विश्वास जीतने के साथ ही ऑपरेशन को तेज करने की जरूरत है। इसके लिए सुरक्षा बलों के कैंपों का उपयोग करने को कहा ताकि नजदीक के गांवों में इन योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।
आईबी का इस्तेमाल
केद्रीय गृहमंत्री ने प्रभावित इलाकों में इंटेलिजेंस को मजबूत कर नक्सलियों पर सीधे प्रहार करने के निर्देश दिए। इसके लिए अंदरूनी इलाकों तक पहुंच बनाने के लिए फोर्स को अनछुए इलाकों को कवर करने कहा। साथ ही ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों और खुफिया विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाने कहा। बताया जाता है कि बैठक के फोर्स के पास उपलब्ध संसाधनों पर चर्चा की गई। इस दौरान नए हथियार और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों पर विचार-विमर्श किया गया।
