

ब्लॉक मुख्यालय मैनपुर से 35 किलोमीटर दूर अति संवेदनशील इलाका ग्राम गौरगांव है। इलाके को अंधरे से निजात दिलाने वैकल्पिक सौर ऊर्जा की व्यवस्था क्रेडा विभाग ने की। लेकिन, सालों से बैटरी खराब होने के कारण अब गांव बमुश्किल 10 मिनट ही रौशन हो पाता है। दिन तो दिन, रात भी गांववाले अंधेरे में गुजारने को मजबूर हैं। इसके चलते लोगों में भारी आक्रोश भी देखा जा रहा है। संबंधित विभाग को नई बैटरी लगाने के लिए कई बार मांग कर चुके ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन ही मिलते आया है।परीक्षा नजदीक होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ज्ञात हो कि विकासखंड मुख्यालय मैनपुर के राजापड़ाव क्षेत्र के 8 ग्राम पंचायत में से 3 ग्राम पंचायतों में विद्युतीकरण किया गया है। बाकी के गांव में वैकल्पिक सौर ऊर्जा से बिजली पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन, सौर ऊर्जा से उजाला कुछ ही घंटे तक रहता है। इसके बाद ग्रामीणों को अंधेरे में ही जिंदगी बितानी पड़ती है। क्षेत्रवासियों द्वारा कई बार राजापड़ाव क्षेत्र के गांव में विद्युतीकरण (बिजली) की मांग को लेकर सैद्धांतिक तरीके से जन आंदोलन भी किया गया। लेकिन, स्थिति जस की तस बनी हुई है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा विद्युतीकरण नहीं होने वाले गांव मे बिजली खंभा पहुंचाने के बाद ज्वलनशील मुद्दा ठंडा बस्ता में पड़ा हुआ है।
राजापड़ाव क्षेत्र वासियों की लंबित मांग विद्युतीकरण के दिशा में शासन प्रशासन को ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इसके अलावा तात्कालिक व्यवस्था के लिए गौरगांव के पुराने सौर ऊर्जा बैटरी को बदलने की मांग जिला के कलेक्टर से सरपंच ग्राम पंचायत गौरगांव चिमन नेताम, वैशाख मंडावी, सोमार मंडावी, टीकम नेताम, जगत राम नेताम, प्रभु विश्वकर्मा, हिंदू नेताम, हरीश सहित समस्त ग्रामीणों ने की है।
