राजिम। ग्राम रावड़ में 26 जनवरी के दिन ईसाई धर्म के मानने वाले लोग लोगों के द्वारा गांव के स्कूल एवं चौक चौराहों पर बाइबल पुस्तक का वितरण किया जा रहा था जिनके विरोध में गांव वालों ने उनको यह करने से मना किया जिस पर ईसाई मिशनरियों के मानने वालों के साथ ग्रामीणों का विवाद हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बाइबिल बाटने वालो के द्वारा हिंदू धर्म के देवी-देवताओं का विरोध किया जाने पर ग्रामीणों ने उनका विरोध किया जिसके चलते ग्रामीणों ने गांव में बैठक बुलाकर उनके विरुद्ध ग्रामीण स्तर में प्रतिबंध लगाने की बात कही वह दूसरे दिन बैठक बुलाकर फैसला लिया गया कि इन सभी परिवारों को गांव के किसी भी सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत करने में प्रतिबंध लगाया जाए जिसके चलते ईसाई धर्म के मानने वालों के द्वारा राजिम थाने में जाकर गांव के लगभग 10 व्यक्तियों के विरुद्ध शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया आवेदन में उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि गांव वाले उन्हें परेशान कर सकते हैं उसके बाद गांव के उन 10 लोगों को जिनका नाम से आवेदन थाना में दिया गया था उन्हें थाना बुलाया गया जब यह बात गांव वाले को पता चली तब गांव वालों ने पुनः बैठक बुलाकर निर्णय लिया कि गांव के 10 लोग ही क्यों थाना जाएंगे उनके साथ पूरे गांव के लोग जाएंगे करके ट्रैक्टरों में भर भर कर पूरा गांव राजिम थाना पहुंच गए दोपहर 12:00 बजे से शाम तक ग्रामीण थाना में बैठे रहे वह मांग कर रहे थे कि बाइबिल बांटने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए थाना में सनातन धर्म एवं जय श्रीराम के नारे के साथ कारवाही की जाए ऐसा मांग कर रहे थे टीआई गौतम गांवडे के द्वारा समझाते हुए कहा गया कि रिपोर्ट को विवेचना में लिया गया है अपराध कायम नहीं हुआ है इसकी तस्दीक के लिए 10 लोगों को बुलाया गया है
गांव वालों ने बताया कि गांव में लगभग 14 परिवार हिंदू धर्म से कन्वर्ट होकर ईसाई धर्म को मान रहे हैं जिसमें से 4 परिवार विमल निषाद पिता गोविंद निषाद खगेश साहू पिता नारद साहू विक्रम साहू पिता अर्जुन लोगों पटेल पिता खेलन यह चार परिवार अपने सनातन धर्म में वापस आने को तैयार है बाकी के परिवारों के द्वारा गांव में माहौल खराब करने का कार्य किया जा रहा है टीआई गौतम गावड़े ने ग्रामीणों की अपनी अपनी बात रखने को कहा जिस पर बारी-बारी से ग्रामीणों के द्वारा खड़े होकर वास्तविक स्थिति से थानेदार को अवगत कराया गया ग्रामीणों के द्वारा ग्रामीणों के द्वारा भी ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों एवं बाइबिल बांटने वाले लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज किया गया
30 जनवरी को टीआई एवं तहसीलदार ग्राम रावण पहुंचे और दोनों पक्ष को विवेचना हेतु बुलाया गया लेकिन ग्रामीणों के द्वारा उनका विरोध करते हुए उनके समक्ष नहीं आने का निर्णय लिया गया उनका कहना था कि जब हम लोग दोपहर से शाम तक थाना में बैठे थे तब तक कोई कार्यवाही या चर्चाएं नहीं की गई अब गांव आए हैं तो हम लोग उनके पास नहीं जाएंगे

