रायपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (डा. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना) की प्रोत्साहन राशि आवंटन में करोड़ों की धांधली को लेकर राज्य नोडल अधिकारी डा. श्रीकांत राजिमवाले के खिलाफ जांच बिठा दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए पत्र जारी किया है, जिसमें लिखा है कि चार सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम जांच कर जल्द ही रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
इधर शासन स्तर पर आयुष्मान योजना के उप संचालक के पद के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में बड़े आरोप में घिरे अधिकारी प्रभार से मुक्त हो सकते हैं। बता दें कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत कोरिया जिले के खड़गवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि फर्जी खाते में डाल दी गई।
इसकी शिकायत हुई तो राज्य नोडल कार्यालय से दबाव डालकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई। बड़ी धांधली को लेकर कोरिया कलेक्टर ने जिला स्तरीय जांच समिति गठित की। इधर राज्य स्तर पर प्रोत्साहन राशि आवंटन में करीब 100 करोड़ रुपये गड़बड़ी की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से हुई। नईदुनिया ने पूरे मामले को 16 दिसंबर 2022 से लगातार प्रमुखता से उठाया। अंतत: राज्य नोडल अधिकारी के खिलाफ जांच टीम गठित हो गई है।
आयुष्मान क्लेम जारी करने के लिए 10 प्रतिशत उगाही पर घिरे
हाल ही में आयुष्मान योजना के अंतर्गत कार्यरत चिकित्सा अधिकारी द्वारा निजी अस्पताल के क्लेम की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 10 प्रतिशत या प्रति फाइल दो हजार रुपये मांग की जा रही थी। इसकी लिखित शिकायत इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और स्वास्थ्य विभाग से हुई। चिकित्सा अधिकारी ने साफ कहा था कि विभाग में क्लेम जारी कराने के लिए 10 प्रतिशत राशि देनी पड़ रही है। ऐसे में विभागीय भ्रष्टाचार की पोल खुली, जिस पर जांच तो अभी नहीं हुई है, बल्कि अधिकारी सफाई देते नजर आ रहे हैं।
