धमतरी । मोबाइल पर क्राइम पेट्रोल धारावाहिक देखकर कक्षा सातवीं के एक छात्र ने चार बंदूकधारियों द्वारा अपहरण करने की झूठी कहानी रचकर स्वजन व पुलिस को गुमराह किया। अपहरण से बचकर आने के बाद बालक पुलिस के सामने टूटकर हकीकत बता दी।
पारिवारिक विवाद व पिता के डांट से बचने छात्र ने यह कदम उठाना स्वीकार किया। अपहरण की घटना सुनकर चिंता में पड़ी पुलिस ने सीसीटीवी कैमरा का फुटेज खंगालने के बाद सच्चाई को सामने ला दी। मानवता दिखाते हुए पुलिस इस मामले में बालक के खिलाफ किसी तरह की कर्रवाई नहीं की है।
अर्जुनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम भोयना निवासी 14 वर्षीय कक्षा सातवीं के एक छात्र ने 15 फरवरी को करीब दोपहर तीन बजे नगरी की ओर से एक वेन में सवार होकर चार बंदूकधारियों द्वारा बेहोश करने की स्प्रे छिड़कर अपहरण की झूठी रिपोर्ट पुलिस व स्वजन को 17 फरवरी को जगदलपुर से लौटने के बाद सुनाई थी, लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी कैमरा देखकर हकीकत सामने ला दी है।
बालक ने पुलिस को सच्चाई बताया कि वह अपहरण की झूठी कहानी रची थी, ताकि पिता के डांट से बच सके और परिवार का विवाद खत्म हो सके। छात्र मोबाइल पर क्राइम पेट्रोल देखता है और बच्चों के अपहरण की कई घटनाओं को देख चुका है, ऐसे में अपने पिता के डांट से बचने के लिए वह पुलिस व स्वजन के समक्ष अपहरण की झूठी कहानी रचा था, लेकिन पुलिस के समक्ष वह ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया। धमतरी शहर के बस स्टैंड पर लगी सीसीटीवी कैमरा के फूटेज ने झूठी अपहरण की पोल खोल दी है।
साफ कपड़ा व पैरों के चप्पल से हुई शंका
डीएसपी मोहसीन खान ने जगदलपुर पुलिस द्वारा भेजे गए छात्र के फोटो को देखा। शरीर पर लटका कपड़ा साफ था। पैरों में चप्पल पहना हुआ पाया गया। छात्र की बेहतर हालत पुलिस को सोचने मजबूर कर दिया और साइबर सेल, अर्जुनी पुलिस को सीसीटीवी कैमरा खंगालने निर्देशित किया। पुलिस ने पाया कि भोयना के आसपास घटना के दौरान कोई कार दिखाई नहीं दिया। बस स्टैेंड के वीडियो फुटेज में एक जगह छात्र का फोटो दिखा। 18 फरवरी को डीएसपी ने छात्र और उनके पिता को थाना बुलाया।
छात्र से बात कर पुलिस ने हकीकत जान ली। छात्र ने टूटकर पुलिस को बताया कि 15 फरवरी को किसी कार वाले ने उसे अपहरण नहीं किया था। इस दिन करीबन तीन बजे छात्र को उनकी मां ने 50 रुपये देकर कुछ सामान मंगाया। वहीं गुल्लक से 500 रुपये का नोट निकाल लिया। वह बहन के पास आश्रम न जाकर नगरी मार्ग से आ रही बस में सवार होकर धमतरी बस स्टैंड पहुंचा। इधर-उधर घूमते हुए जगदलपुर जाने वाली महेन्द्रा की बस में सवार हो गया। जगदलपुर में उतरने के बाद घूमते हुए पुलिस चौकी पहुंचकर मनगढ़ंत कहानी बता दी।
मां-बाप के बीच होता था विवाद
भोयना के छात्र को अपहरण की झूठी कहानी इसलिए बनाना पड़ा क्योंकि घर में अक्सर मां-बाप के बीच और अन्य सदस्यों में विवाद होता था। इससे वह परेशान था। छात्र का कोई अन्य मित्र नहीं होने के कारण अकेला रहता था। खाली समय पर अक्सर मोबाइल पर वीडियो गेम व क्राइम पेट्रोल जैसे सीरियल देखता था। यहां से अपहरण की झूठी कहानी सीखा और यह कर बैठा। कम उम्र व विद्यार्थी होने की वजह से पुलिस ने उन पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए किसी तरह कार्रवाई नहीं की। डीएसपी मोहसीन खान ने पालकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को मोबाइल न दें। वहीं बच्चों के गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखने की अपील की है, ताकि इस तरह की घटनाएं सामने न आए, जो स्वजन व पुलिस के लिए मुसीबत बन जाए।
बंदूकधारियों द्वारा अपहरण करने लगाया था आरोप
छात्र ने अपहरण की झूठी कहानी इस तरह रचकर पुलिस को बयान दिया था कि 15 फरवरी को भोयना गांव में स्कूल नहीं जाकर सड़क किनारे टहल रहा था, तभी एक कार आकर उनके पास रूकी और धमतरी जाने का रास्ता पूछकर उन्हें जबरिया कार में बिठाकर नशीली दवा सुंघाकर बेहोश कर दिया। उनके पैर को बांधकर जगदलपुर तक ले गए। जगदलपुर से कुछ दूर पहले कार को रोककर ढाबा में खाना खा रहे थे, तभी मौके का फायदा उठाकर वह आरोपितों के चंगुल से किसी तरह छूटकर पुलिस सहायता केन्द्र जगदलपुर पहुंचना बताया था। अपहरणकर्ताओं के पास चार रायफल और पिस्टल होने का आरोप भी लगाया था। वे दूसरे भाषा में बात करने की जानकारी दी थी।

