छत्तीसगढ़ में आर्द्रभूमियों के संरक्षण, एकीकृत प्रबंधन और युक्ति युक्त उपयोग पर 9 जून को राजधानी के होटल बेबीलोन कैपिटल में राज्य आर्द्र भूमि प्राधिकरण के अध्यक्ष माननीय वन मंत्री जी श्री केदार कश्यप मुख्य आतिथ्य एवं अपर मुख्य सचिव श्रीमति ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न हुई कार्यशाला में पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख श्री वी श्रीनिवास राव एवं छत्तीसगढ़ राज्य आद्र भूमि प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री राजेश चंदेले ; वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, साथ ही श्रीमती निहारिका बारीक प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, श्री बसव राजू एस, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, अविनाश चंपावत, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, डॉ. एस.कर्मकार महानिदेशक सी.जी. सी कास्ट, श्री अमरनाथ प्रसाद, वरिष्ठ अधिकारी, ग्रामीण एवं पंचायत विभाग के अधिकारी, पंच, सरपंच, एनजीओ के सदस्य, वेटलैंड मित्र, शिक्षाविदों ने भाग लिया एवं सभी जिलों के कलेक्टर ऑनलाइन मोड से जुड़कर सम्मिलित हुए। श्रीमती ऋचा शर्मा, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन के द्वारा कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्यों को रखते हुए इसकी शुरुआत की।
तत्पश्चात डॉ रितेश कुमार निदेशक वेटलैंड इंटरनेशनल साउथ एशिया के द्वारा वेटलैंड संरक्षण संवर्धन नियम 2017 को विस्तार से समझाते हुए वेटलैंड के संरक्षण को बताते हुए एकीकृत विकास योजना की प्रक्रिया एवं उसके महत्व को बताया। कार्यशाला में श्री अनिरुद्ध कुलकर्णी विधि विशेषज्ञ के वेटलैंड नियमों के उल्लंघन पर वैधानिक कार्यवाही के संबंध में विस्तार से समझाया, मास सीसी के वैज्ञानिक डॉक्टर मुर्गानंदन के द्वारा वेटलैंड इन्वेंटरी के ऊपर व्याख्यान दिया, डॉ गोल्डन क्वाद्रोस के द्वारा वेटलैंड के सामुदायिक संरक्षण पर अपना व्याख्यान दिया, डॉ मनोज पी सैमुअल के द्वारा वेटलैंड गवर्नेंस पर व्याख्यान दिया, डॉ अमित दुबे के द्वारा उपयुक्त वेटलैंड का चयन कर उसके संरक्षण एवं विकास हेतु वेटलैंड के संपूर्ण विषयों को सम्मिलित करते हुए प्रस्ताव तैयार करने की जानकारी दी, डॉ जयश्री वेंकटेशन द्वारा वेटलैंड के ऑनलाइन के वाइस यूस पर एवं प्रो माधव गाडगिल के द्वारा वेटलैंड के इकोलॉजी पर ऑनलाइन प्रस्तुति करण दिया, डॉ दिनेश मरोठिया के द्वारा वेटलैंड के सोशियो इकोनॉमिक्स पहलू पर प्रकाश डाला, कार्यशाला को माननीय वन मंत्री द्वारा संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यशाला में प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा दिए मार्गदर्शन से राज्य में वेटलैंड के संरक्षण एवं संवर्धन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी साथ ही राज्य में रामसर साइट, वेटलैंड के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना, राज्य के वेटलैंड को अधिसूचित कराना, वेटलैंड के युक्ति युक्त उपयोग से जीविकोपार्जन को बढ़ावा देने पर कार्ययोजना तैयार करने कहा ।
छत्तीसगढ़ में आर्द्रभूमि के संरक्षण और एकीकृत प्रबंधन पर माननीय वन मंत्री श्री केदार कश्यप जी, के विचार
“जीवन के साथ भी, जीवन के बाद भी”

