बिलासपुर । जिला सहकारी बैंक के तोरवा शाखा में किसानों के 80 लाख रुपए गड़बड़ी की जांच का मामला आगे बढऩे लगा है। तोरवा शाखा में 30 किसानों ने अपना ओरिजनल पास बुक, आधार कार्ड व दो पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज जमा किए हैं। अब इन किसानों की हैंड राइटिंग की जांच के लिए सारे दस्तावेजों को रायपुर के एक्सपर्ट को भेज दिया गया है लेकिन 55 किसानों ने चार महीने के बाद भी दस्तावेज जमा नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण जांच अधूरी है।
जिला सहकारी बैंक के सीईओ श्रीकांत चंद्राकर ने बताया 30 किसानों ने बैंक द्वारा मांगे गए जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं, जिसकी जांच के लिए रायपुर भेज दिया गया है। ऐसे किसानों को जल्द ही उनकी राशि वापस मिल जाएगी। अधिकांश किसानों ने अपना बैंक खाता जमा नहीं किया है।
तोरवा शाखा प्रबंधक हितेश सलूजा किसानों से कई बार दस्तावेज जमा करने के लिए कह चुके हैं लेकिन किसान आगे नहीं आ रहे हैं। सीईओ ने बताया किसान दस्तावेज जमा करने में जितना देर करेंगें उतना ही उनकी गबन हुई राशि वापस करने में देरी होगी। बता दें कि गडबड़ी का मामला जांच के बाद करीब सवा करोड़ रुपए पहुंच चुका है।
10 किसानों ने दावा किया पर दस्तावेज नहीं दे रहे
तोरवा शाखा में किसानों की राशि गफलत क्या हुई कुछ लोगों को मौका मिल गया है। 10 ऐसे लोग बैंक से राशि की मांग कर रहे हैं लेकिन किसी प्रकार की दस्तावेज जमा नहीं कर रहे हैं। उल्टा बैंक प्रबंधन ऊपर लगातार आरोप लगाते रहते हैं।
बैंक का हो रहा घेराव
किसानों की राशि गफलत के मामले में कुछ लोग अब राजनीति शुरु कर दी है। लगातार बैंक का घेराव कर रहें है लेकिन दस्तावेज जमा नहीं कर रहे हैं। इससे किसानों ऐसे किसानों को राशि मिलने में देर होगी।
दस्तावेज रायपुर भेजे गए हैं
30 किसानों ने पास बुक सहित अन्य दस्तावेज जमा कर दिए हैं। किसानों के हैंड राइटिंग की मिलान के लिए एक्सपर्ट को रायपुर भेजा गया है। श्रीकांत चंद्राकर सीईओ जिला सहकारी बैंक
ये है मामला: तोरवा शाखा में 80 से अधिक किसानों की राशि गबन हो गया है। तोरवा शाखा में काम करने वाली कम्प्यूटर ऑपरेटर खूशबू शर्मा किसानों द्वारा बैंक में जमा करने वाले राशि को बैंक में न जमा कर अपने घर ले जाती थी। मामले का उजागर दैनिक भास्कर ने किया था।

