बलरामपुर रामानुजगंज में महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने ईको फ्रेंडली दीये बनाए हैं.
रामानुजगंज : रामानुजगंज में नगर पालिका अंतर्गत संचालित गौठान में महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं गोबर और मिट्टी के दीये बना रहीं हैं.आपको बता दें कि ये इको फ्रेंडली दीये दीपावली और छठपूजा के लिए तैयार किए जा रहे हैं.इन दीयों की खास बात ये है कि इससे प्रकृति को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा. गोबर और मिट्टी आसानी से पानी में घुल जाएंगे जिससे भूमि की उर्वरकता बढ़ेगी.

समूह तीन साल से बना रहा है दीये : रामानुजगंज नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक सात में संचालित गौठान में प्रगति वन महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मिट्टी और गोबर के दीये बना रहीं हैं.दीये बनाने के बाद इन्हें कलर किया जाता है.
हम लोग टाइम निकालकर यहां गोठान में गोबर मिट्टी से दीये बना रहे हैं. फिर उसमें रंग कर रहे हैं. इन्हें बाजार में बेचेंगे यहां पिछले तीन साल से समूह की महिलाएं दीपावली त्यौहार के लिए दीये बना रहीं हैं – सुनीता देवी, सदस्य, प्रगति वन महिला स्व सहायता समूह
एसएलआरएम प्रभारी विनोद केशरी ने ईटीवी भारत से बात करते हुए बताया कि महिलाएं डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करती हैं. पार्ट टाइम में यहां एसएलआरएम में एक्स्ट्रा एक्टिविटी के तहत ये काम करती हैं.महिलाएं अपने हाथों से गोबर मिट्टी का दीया बनाती हैं. उसको पेंट करती हैं. जिससे दीये रंग बिरंगे लगते हैं. उनको दो पैसे का इनकम भी हो जाता है.
पिछले साल दो रूपये के हिसाब से दीयों की बिक्री किया गया था. लेकिन इस बार इनका कहना है कि खर्च ज्यादा आ रहा है.मेहनत ज्यादा होता है इसलिए तीन रूपया पीस के रेट से इस बार दीये बेचे जाएंगे – विनोद केशरी, SLRM प्रभारी
बाजारों में स्टाल लगाकर की जाएगी बिक्री : रामानुजगंज के मुख्य नगरपालिका अधिकारी सुधीर कुमार ने महिलाओं के काम को सराहा है. उन्होंने कहा कि हमारी महिला दीदी लोग ईको फ्रेंडली दीये तैयार कर रहे हैं. इससे उन लोगों को आर्थिक लाभ होता है. दीपावली से पहले उसे बेचते हैं. इसे बाजारों में स्टाल लगाकर बेचा जाएगा.
आपको बता दें कि ईको फ्रेंडली दीयों को लेकर अब मार्केट तैयार है.लोग ज्यादातर गोबर और मिट्टी के दीयों से ही दीपावली मनाना चाहते हैं.गोबर को शुद्ध माना जाता है.लिहाजा हर कोई गोबर के दीयों से ही अपने घरों को सजाना चाहता है.आम दीयों से अलग ये दीये रंग बिरंगे हैं,जिसमें महिलाओं की मेहनत साफ दिखती है.
