जांजगीर चंपा। जांजगीर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक साल पहले दुबई जाकर ऑनलाइन सट्टा एप महादेव का काम सीखा और फिर वहां से लौटकर साथियों का गिरोह बनाया और कई लोगों को ज्यादा कमाई का झांसा देकर उनका खाता खुलवा लिए और उन्हीं खातों का इस्तेमाल महादेव एप के जरिए होने वाले लाखों का लेने-देन भी करने लगे और आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
पुलिस ने गिरोह के मास्टर माइंड दुबई रिर्टन युवक चिरंजीव केशरवानी के साथ सात लोगों को नवागढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग पर भी कार्रवाई की है। आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल और पासबुक व दस्तावेज जब्त किए हैं। मंगलवार 28 मार्च को एसपी कार्यालय में गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एएसपी अनिल सोनी ने इसका खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम तुस्मा के रहने वाले 24 वर्षीय अभिषेक कुमार पटेल ने थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि ग्राम पोड़ी में रहने वालेे चन्द्र प्रकाश साहू, चन्द्रकांत साहू, राखीलाल साहू, तुलेश यादव, सुनील साहू, शिवरीनारायण निवासी चिरंजीव केशरवानी एवं अकलतरा में रहने वाले अरूण पनारिया इन सभी लोगों ने ग्राम कटौद में मुलाकात की और बताया कि बैंक में एक अच्छी स्कीम आई है जिसमें अधिक पैसा मिलेगा। इसके लिए शुरु में 5000 रुपए बैंक में जमा कर नया खाता खुलवाना पड़ेगा। इसके एक दो माह बाद 25000 रुपए मिलेंगे। इस तरह झांसा देते हुए नया खाता खुलवा लिया और उसको सटटा बुक एप में देकर उस खाते का गलत तरीके से उपयोग किया।
पुलिस हरकत में आई और उच्चाधिकारियों के मार्गदशन में सात आरोपियों को धारा गिरफ्तारी की और पूछताछ की जिस पर सारे खेल का पर्दाफाश हुआ। प्रकरण में 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया साथ ही प्रकरण में सम्मिलित 01 विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध भी कार्यवाही की जा रही है। ग्राहक के बैंक खाता एवं दस्तावेज को जप्त कर आरोपियों को 28 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड के लिए न्यायालय पेश किया गया। प्रकरण में अभी और अन्य आरोपियों की संलिप्तता के संबंध में विवेचना की जा रही है।
आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन जब्त
इस पूरे खेल का मास्टर माइंड आरोपी शिवरीनारायण निवासी चिरंजीव केशरवानी है जो 1 वर्ष पूर्व दुबई जाकर भी महादेव सट्टा एप में काम कर चुका है। उसने लौटने के बाद अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फ्रेंचायजी महादेव सट्टा एप बुक में काम शुरु किया और फ्रेंचायजी के आईडी के माध्यम से लोकल स्तर पर महादेव एप सट्टा के क्वाईन से पैसे में ट्रांसफर को आपरेट करते थे। सट्टा खिलाने के लिए उपयोग करने वाले आठ मोबाइल भी आरोपियों से जब्त किया गया है।
और भीे हैं आरोपी, हो सकता है बड़ा खुलासा
मामले में जिन बैंक खातों का उपयोग हुआ है उनमें कितनी राशि का लेन-देन हुआ है इसकी जांच भी पुलिस के द्वारा की जा रही है। इतना ही नहीं सात आरोपियों के अलावा और भी लोगों की संलिप्पता का भी खुलासा हो सकता है। वहीं महादेव एप के जरिए आरोपियों के तार कहां-कहां जुड़े थे इसका भी खुलासा बाद में पुलिस करेगी।
25 हजार रुपए मिलने का देते हैं झांसा
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के द्वारा ऑनलाइन सट्टा में पैसों के लेन-देन के लिए दूसरों का बैंक खाता इस्तेमाल करते हैं। आरोपी इसके लिए नए लोगों की तलाश करते थे और उन्हें अच्छा पैसा कमाने की स्कीम बताकर 5 हजार में खाता खुलवाने में 25 हजार मिलने का झांसा देते थे। खाता खुल जाने के बाद पासबुक आरोपी खुद रख लेते थे और उस खाते को महादेव सटटा बुक एप वालों को दे देते थे। इसके लिए आरोपियों को एप का एक लिंक उपलब्ध कराया जाता था और आईडी-पासवर्ड मिलता था। जिससे सारा खेल ऑपरेट करते थे। महादेव सट्टा में कुल पांच प्रकार के एप के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाया जा रहा था। इस एवज में उन्हें 25000 रुपए प्रति बैंक खाता के हिसाब से मिलता था ।

