रायपुर: बिहार चुनाव को लेकर पूरे देश की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है. बिहार में चुनाव है महागठबंधन और एनडीए के बीच सीटों के तालमेल के साथ ही उम्मीदवारों के पदों को लेकर भी चर्चा तेजी से जारी है. महागठबंधन द्वारा 23 अक्टूबर को राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का ऐलान करने और वीआईपी के मुकेश साहनी को उपमुख्यमंत्री का ऐलान करने के बाद बयानों वाली राजनीति शुरू हो गई.

”कांग्रेस जमीन और जनाधार खो चुकी”: उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस अपना जमीन और जनाधार दोनों को खो चुकी है और यही वजह है कि वह राष्ट्रीय जनता दल और लालू यादव के आवास से खाली हाथ लौटे हैं. डिफ्टी सीएम अरूण साव ने कहा कि जिस तरीके का ऐलान हुआ है और अशोक गहलोत ने जिस तरीके की बातें कही है उसमें कांग्रेस के हाथ तो कुछ लगा ही नहीं.
अरूण साव डिप्टी सीएम (ETV Bharat)
जनाधार और जमीन दोनों कांग्रेस की खत्म हो चुकी है. कांग्रेस इस हालत में नहीं है कि उसे कुछ मिल पाए. लंबी चली बातचीत के बाद भी कांग्रेस के हाथ कुछ नहीं आया: अरूण साव, डिप्टी सीएम
सीएम और डिप्टी सीएम के नाम का एलान: पटना में राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित किया गया. इसका ऐलान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया. इसके साथ ही वीआईपी के मुकेश साहनी को उपमुख्यमंत्री जीतने के बाद बनाने का ऐलान भी अशोक गहलोत ने किया है. महागठबंधन के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस के हाथ कुछ नहीं आया. जिस तरीके से कांग्रेस का आचरण है वह जनता को ठगने का काम करती है और जो पार्टी जनता को ठग सकती है वह अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को तो कहां से छोड़ेगी. अरूण साव ने कहा कि जिस तरीके का ऐलान किया गया उसे कांग्रेस के खाते में कुछ आया ही नहीं.
महागठबंधन पर कसा तंज: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ”महागठबंधन की हालत खराब है. टिकट खरीदने बेचने का आरोप लग रह है. वादाखिलाफी का आरोप लग रहा है. हकीकत यह है कि महागठबंधन की हालत खराब है. महागठबंधन बुरी तरह से हारने वाली है. कैसे गहलोत जी खाली हाथ लौटे हैं लालू यादव के घर से तो यह गठबंधन के हालात को बताता है”.
भूपेश बघेल पर निशाना: वहीं, मतदाता सूची पर भूपेश बघेल द्वारा उठाए गए सवाल को लेकर के बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, यह कांग्रेस के नेता हमेशा से देश के संविधान देश के संवैधानिक संस्था, देश की सेना पर सवाल उठाने का काम लगातार करते रहे हैं. अरुण साव ने कहा कि भूपेश बघेल भी वही कर रहे हैं. चुनाव आयोग जैसी संस्था पर इसमें किसी को क्या आपत्ति हो सकती है. यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में डाला जाए तो उसकी सत्यता की जांच करना कहां से गलत है. अरूण साव ने कहा कि जो नाम गलत जगह की मतदाता सूची में है, जिनके नाम गलत जुड़े हैं उनको हटाना यह कहां से गलत हो सकता है. डिप्टी सीएम ने कहा कि ”भूपेश बघेल जी आपकी सोच गलत है यही वजह है कि आप चुनाव आयोग पर निराधार और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं”.
