भुवनेश्वरः ओडिशा के गंजम जिले के दो चचेरे भाई रूस-युक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध की चपेट में आ गए हैं. मॉस्को की एक कंपनी में काम करने वाले 23 वर्षीय जी. तेजेश्वर रेड्डी और 35 वर्षीय जी. क्षेत्रबासी रेड्डी यूक्रेन के ड्रोन हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इस समय दोनों भाई मॉस्को के एक स्थानीय अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.

इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव कुठारसिंगी पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पीड़ित परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से अपने बेटों के बेहतर इलाज और उन्हें सही-सलामत वतन वापस लाने के लिए रूसी सरकार से दखल देने की भावुक अपील की है.
तेजेश्वर डेढ़ साल पहले मॉस्को की एक कंपनी में मैकेनिकल वर्कर के रूप में काम करने रूस गया था, जबकि क्षेत्रबासी एक साल पहले रूस गया था. क्षेत्रबासी रेड्डी की पत्नी, पुष्पा रेड्डी ने कहा कि उसे पति अभी कुछ दिन पहले ही 25 दिनों की छुट्टी काटकर वापस रुस गये थे. जब वह पिछले हफ्ते वहां पहुंचे, तब भी ऐसी ही एक घटना हुई थी.
तेजेश्वर की मां महालक्ष्मी रेड्डी ने कहा, “हमें पता चला है कि मेरा बेटा पिछले 13 महीनों से वहां रह रहा था और इस हमले की चपेट में आ गया। सबसे बुरी बात यह है कि तेजेश्वर अभी बोल नहीं पा रहा है. पिछले शनिवार की रात बेटे से बात हुई थी और अगली सुबह तड़के यह हादसा हो गया. मेरा भतीजा (क्षेत्रबासी) तो बात कर पा रहा है, लेकिन मेरा बेटा बोलने की स्थिति में नहीं है.”
कुठारसिंगी गांव के 12 लोग मॉस्को में कर रहे हैं काम
गंजम के कई युवा इस समय रूस में रूस में काम करने गए हैं. गंजम जिले के इन मजदूरों का परिवार अब बेहद चिंतित हैं. कुछ दिनों पहले, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के दौरान मॉस्को में काम कर रहे गंजम जिले के चिकिटी ब्लॉक के माधवभांड गांव के एक कॉन्ट्रैक्ट मजदूर, रम्य रंजन पात्रा, की ड्रोन हमले में मौत हो गई थी.
इन दोनों युवकों समेत गांव के कुल 12 लोग मॉस्को की एक कंपनी में अस्थायी कॉन्ट्रैक्ट मजदूर के रूप में काम कर रहे हैं. परिजनों ने बताया कि वहां काम कर रहे गांव के अन्य युवकों ने तीन दिन बाद उन्हें फोन पर इस घटना की जानकारी दी. परिवार के लोग केवल वीडियो कॉल के जरिए ही अपने बेटों का हालचाल ले पा रहे हैं. कुठारसिंगी पंचायत के सरपंच दुर्योधन रेड्डी ने कहा कि अपने इलाके में रोजगार की कमी के कारण गंजम जिले के कई युवाओं को मजबूरन रूस जाना पड़ा है. उन्होंने अनुमान जताया कि गंजम जिले के करीब दो सौ लोग अब भी रूस में हैं.
इस घटना को लेकर श्रम विभाग के ब्रह्मपुर डिवीजन के लेबर कमिश्नर बाबूचरण पात्रा ने कहा, “रूस में रहने वाले मजदूरों में से चिकिटी ब्लॉक के माधवबंध गांव के ए. रम्या की ड्रोन हमले में मौत हो गई थी. अब कुठारसिंगी गांव के दो और युवकों के ड्रोन हमले में घायल होने की खबर है. कमिश्नर को सूचित कर दिया गया है.” उन्होंने यह भी बताया कि गंजम जिले से कितने मजदूर विदेश गए हैं, इसका कोई सटीक डेटा उपलब्ध नहीं है.
