रायपुर । छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक आते-आते बुलडोजर की चर्चा तेज हो गई है. बीजेपी छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार बनेगी तो योगी आदित्यनाथ सरकार की तरह माफिया के खिलाफ बुलडोजर चलाने का दावा कर रही है. लेकिन इसके जवाब में कांग्रेस किसानों का हल चलने का दावा कर रही है. इसपर छत्तीसगढ़ की राजनीति बुलडोजर और हल के इर्द-गिर्द घूमती दिखाई दे रही है. आखिर बुलडोजर और हल के बीच ये सियासी जंग की पूरी कहानी क्या है ? चलिए समझते हैं.
दरअसल, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के साथ बीजेपी के बड़े दिग्गज नेता छत्तीसगढ़ में बुलडोजर चलाने के अभियान में जुड़ गए है. बीजेपी के नेता इस मुहिम के तहत ग्राउंड पर पहुंच रहे हैं. इसमें एक वीडियो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव का वायरल हो रहा है. इसमें अरुण साव लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में एक युवा से बुलडोजर चलाने को लेकर बातचीत कर रहे हैं.
अरुण साव ने युवा से कहा कि बुलडोजर चलवाना है तो इस सरकार को बदलना होगा. छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन चुका है, इसे शांति का गढ़ बनाना है तो बुलडोजर तो चलाना पड़ेगा.
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने 6 महीने बाद बीजेपी की सरकार बनने का दावा करते हुए अपराध और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर को ठोस उपाय बताया है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अभी से कांग्रेसियों के हाथ-पैर फूल गए हैं. 6 माह बाद की चिंता में नींद उड़ गई है. पिछले साढ़े चार साल में कांग्रेस के शासनकाल में छत्तीसगढ़ में अपराधी बेखौफ हो गए हैं. फिर से सारे अपराधियों के आतंक से छत्तीसगढ़ को मुक्त कराने के लिए भाजपा का शासन आते ही उनके कर्मों पर बुलडोजर चलेगा या तो समय रहते सुधर जाएं या छत्तीसगढ़ से निकल जाएं. एक भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा.
कांग्रेस का जवाब- छत्तीसगढ़ में किसानों का हल चलेगा : इसके जवाब में कांग्रेस ने हल अभियान शुरू कर दिया है. कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 2023 के चुनाव में भी हल चलेगा. हल विकास और समृद्धि का प्रतीक है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों के लिए काम किया, इससे फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी. छत्तीसगढ़ में किसानों का हल चलेगा. हिंसा करने वाली बीजेपी को ये समझ में आ जाना चाहिए कि यहां बुलडोजर का नहीं, संविधान का राज है.
बुलडोजर चलाने या एनकाउंटर करने की आवश्यकता नहीं : इसके साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी के पास मुद्दे नहीं हैं. वो दूसरे राज्यों के मुद्दों को लाती है. छत्तीसगढ़ में तो कोई ऐसा माफिया नहीं है जिसके खिलाफ बुलडोजर चलाने या एनकाउंटर करने की आवश्यकता हो. छत्तीसगढ़ शांत प्रदेश है. छोटे-मोटे अपराध को छोड़ दिया जाए तो यहां पर कोई भी संगठित अपराध नहीं है.
गौरतलब है कि इसी साल के अंत में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं. नेताओं के तीखे तेवर देखने को मिल रहे हैं. लेकिन इसमें सबसे ज्यादा चर्चा इस वक्त बीजेपी के बुलडोजर और कांग्रेस के हल की हो रही है. फिलहाल इस चर्चा में कितना दम है, विधानसभा चुनाव के परिणाम से स्पष्ट होगा कि बीजेपी के बुलडोजर का कांग्रेस हल से हल निकल पाती है या नहीं.
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के बुलडोजर वाले बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से बात यह है कि बुलडोजर चलाएंगे कहकर उन्होंने (नारायण चंदेल) ये बता दिया है कि मोदी का जादू उतर रहा है. अमित शाह का जादू खत्म हो चुका है. इसलिए अब योगी इनके नेता हैं. ये स्पष्ट करें मोदी और शाह की जोड़ी चलेगी कि अब योगी की राजनीति चलेगी. वह तय कर लें कि उनके नेता कौन हैं ? योगी है कि मोदी है ?
राहुल गांधी के बंगले खाली करने को लेकर सीएम भूपेश ने कहा कि जो भी व्यक्ति सवाल करेगा उनके साथ यही होना है. मोदी के खिलाफ कोई सवाल नहीं कर सकता, अडानी के खिलाफ कोई सवाल नहीं कर सकता. मोदी जी से सवाल करो तो एक बार सह भी लेते हैं. लेकिन अडानी के खिलाफ कोई सवाल करोगे तो बर्दाश्त नहीं होता. राहुल गांधी की सदस्यता भी समाप्त हुई और उनको बंगला भी खाली करा दिया गया.
भूपेश बघेल ने कहा कि सत्यपाल मालिक के साथ क्या हुआ ? उन्होंने एक सवाल कर दिया तो उनके पीछे सीबीआई लग गई। जहां गैर भाजपा शासित राज्य हैं उसमें ईडी, आईटी, सीबीआई सारी सेंट्रल एजेंसी लगी हुई है. प्रजातंत्र में सवाल पूछा जाता है, या तो विपक्ष सवाल पूछता है या पत्रकार सवाल पूछता है. पत्रकार वार्ता तो कभी करते नहीं और विपक्षी यदि सवाल करे तो उसे कुचल देते हैं, दबाने की कोशिश करते हैं. जो तानाशाह है वह इस बात से डरता है कि मुझ से डरना लोग बंद मत करें. लोगों में डर खत्म हो जाएगा।

,तो तानाशाह का तानाशाही खत्म हो जाएगा. इसलिए सारे हथकंडे अपना रहे हैं.
कौशल्या माता महोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया में एकमात्र कौशल्या माता का मंदिर है. 15 साल बीजेपी सरकार ने इसकी सुध नहीं ली. महाराष्ट्र के राज्यपाल का गांव है चंदखुरी, उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया. लेकिन हमने मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया. हर साल यहां कार्यक्रम करते हैं. अब बजट में हमने शामिल कर दिया है कौशल्या महोत्सव हर साल मनाया जाएगा.
नंदकुमार साय की नाराजगी को लेकर भी सीएम ने भाजपा को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि नंदकुमार बिल्कुल सही कह रहे हैं. वे भाजपा में लगातार मामला उठाते रहे हैं. चाहे ननकीराम कंवर हो, विष्णुदेव साय हो, नन्दकुमार साय हो, पहले बलिराम कश्यप भी हैं. इन सबको हाशिए पर डाल दिया गया. विष्णुदेव साय को तो विश्व आदिवासी दिवस के दिन ही हटा दिए।
