सामान्य लोगों से हाथ के मामले में अलग ट्रैक पर चलते हैं। एक जानकारी यह भी कहती है कुल आबादी का 15 प्रतिशत हिस्सा लेफ्टी है और 84 प्रतिशत हिस्सा सामान्य लोगों का है। लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा उभयलिंगी है यानी जो बाएं और दाएं दोनों हाथों से समान रूप से काम कर सकता है। लेफ्ट हैंडर्स को खब्बू, लेफ्टी, वामहस्त जैसे विशेषणों से भी नवाजे जाने की परंपरा है। बता दें इन लोगों के लिए उल्टा हाथ ही सीधा है।


जब हम ट्रेन में सफर कर रहे होते हैं तो सामान्यतः: सहयात्रियों से बातचीत हो जाती है। उतरने के बाद इनमें से कुछ हमारे ज़ेहन में गहरे बैठ जाते हैं बाकी हवा हो जाते हैं। ट्रेन के छोटे से सफर में अगर हम किसी से बहुत ज्यादा प्रभावित हो जाएं तो उसके पीछे जो कारण होता है, वो है उनके तर्क करने की बेहतर क्षमता। असल में ट्रेन में सफर के दौरान जो गुफ्तगू होती है इसी के चलते हम किसी की बुद्धिमत्ता को नाप पाते हैं। अब आप किसी से ऐसी छोटी मुलाकात में उसकी वाकपटुता के चलते उससे प्रभावित हो जाएं, तो ये ध्यान देना कि वो कहीं ‘लेफ्टी’ तो नहीं?
कहने का ये मतलब कतई नहीं है कि हर लेफ्ट हैंडेड बुद्धिमान होता है और न ये कहा जा रहा है कि दायें हाथ से काम करने वालों के पास तर्क करने की क्षमता नहीं होती। हम बस इतना कहना चाह रहे हैं कि बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों को गणना में लें तो उनमें जटिल तर्क करने की क्षमता वाले लोग ज्यादा मिलेंगे। इसी के चलते लेफ्ट हेंडर्स में नोबेल पुरस्कार विजेताओं, लेखकों, कलाकारों, संगीतकारों, वास्तुकारों और गणितज्ञों की संख्या अधिक होती है। अमेरिकन जर्नल ऑफ साइकोलॉजी में प्रकाशित शोध के अनुसार, लेफ्ट हैंडर्स अलग-अलग सोच रखने के मामले में बेहतर होते हैं। अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि लेफ्टी या खब्बू क्रिएटिविटी, फिक्शन, दिवास्वप्न और अंतर्ज्ञान के मामले में सामान्य लोगों से आगे होते हैं।
बात आगे बढ़े इससे पहले बता दें कि लेफ्टीज़ की बात हम इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि 13 अगस्त को इंटरनेशनल लेफ्ट हैंडर्स डे है। लेफ्ट हैंडर्स को सामान्य बोलचाल की भाषा में बाएं हाथ से काम करने वाला या उल्टे हाथ से काम करने वाला कहा जाता है।दुनिया में लगभग दस फीसदी लोग ही ऐसे हैं जो सामान्य लोगों से हाथ के मामले में अलग ट्रैक पर चलते हैं। एक जानकारी यह भी कहती है कुल आबादी का 15 प्रतिशत हिस्सा लेफ्टी है और 84 प्रतिशत हिस्सा सामान्य लोगों का है। लगभग 1 प्रतिशत हिस्सा उभयलिंगी है यानी जो बाएं और दाएं दोनों हाथों से समान रूप से काम कर सकता है। लेफ्ट हैंडर्स को खब्बू, लेफ्टी, वामहस्त जैसे विशेषणों से भी नवाजे जाने की परंपरा है। बता दें इन लोगों के लिए उल्टा हाथ ही सीधा है।
लेफ्ट हैंडर्स डे का इतिहास
‘लेफ्ट हैंडर्स डे’ क्लब द्वारा पहली बार 13 अगस्त 1992 को किसी इवेंट का आयोजन किया गया था। लेफ्ट हैंडर्स क्लब का गठन सदस्यों के साथ संपर्क में रहने के लिए किया गया था। लेफ्ट हैंडर्स इंटरनेशनल के संस्थापक डीन आर कैंपबेल ने पहली बार लेफ्टी होने के नुकसान और फायदे बताने के लिए पहली बार 1976 में इस दिवस को मनाया था।

