Skip to content
May 4, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
NKC NEWS

NKC NEWS

News Portal Of Chhattisgarh

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

Tags

adhytma education Feature health krishi lekh life style loksabha chunaw mousam odisha popular sampadikiy science Trending Uncategorized vastu weather अन्तर्राष्ट्रीय अपराध कृषि खेल छत्तीसगढ़ धर्म मनोरंजन राजनीति राष्ट्रीय विश्व व्यापार

Categories

  • adhytma
  • education
  • Feature
  • health
  • krishi
  • lekh
  • life style
  • loksabha chunaw
  • mousam
  • odisha
  • popular
  • sampadikiy
  • science
  • Trending
  • Uncategorized
  • vastu
  • weather
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • व्यापार
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • व्यापार
  • Home
  • चारधाम यात्रा के इन रास्तों में छुपी इन जगहों को न करें मिस, कम बजट में एक्सप्लोर करें जन्नत!
  • life style

चारधाम यात्रा के इन रास्तों में छुपी इन जगहों को न करें मिस, कम बजट में एक्सप्लोर करें जन्नत!

Nkc News Desk May 4, 2026

देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवभूमि पहुंच रहे है. यदि आप भी उत्तराखंड चारधाम की यात्रा पर आने के प्लान बना रहे थे तो हम आपको कुछ ऐसे जंगहों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप चारधाम के साथ-साथ एक्सप्लोर कर सकते है. इन जगहों पर न सिर्फ आपको कुदरत का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा, बल्कि प्रकृति के कई रहस्यों से भी आप रूबरू होगे.

इस साल अगर आप चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं तो इन अनदेखे और खास स्थानों को अपनी यात्रा में शामिल करना आपके सफर को और भी यादगार बना सकता है. चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव की शुरुआत यमुनोत्री धाम से होती है. वहीं से हम भी आपको सफर की शुरुआत करते है.

खरसाली और हनुमान चट्टी की अनदेखी दुनिया: यमुनोत्री धाम की यात्रा जहां जानकी चट्टी से शुरू होकर करीब 6 किलोमीटर के पैदल मार्ग से पूरी होती है, वहीं इसके आसपास स्थित खरसाली गांव एक ऐसा स्थान है. जिसे अधिकांश यात्री नजरअंदाज कर देते हैं. जानकी चट्टी से पैदल या स्थानीय टैक्सी के जरिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है.

खरसाली का प्राचीन शनि मंदिर धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां सर्दियों में मां यमुना की पूजा होती है. इसके अलावा यमुनोत्री मार्ग पर स्थित हनुमान चट्टी तक सड़क मार्ग से बस या टैक्सी द्वारा पहुंचा जा सकता है, जहां से डोडीताल और दरवा टॉप जैसे ट्रेकिंग मार्ग शुरू होते हैं. वहीं यमुनोत्री मंदिर के पास स्थित सूर्यकुंड और दिव्य शिला तक पैदल ट्रेक से पहुंचकर श्रद्धालु आस्था और प्रकृति का अनूठा संगम देख सकते हैं.

गंगोत्री क्षेत्र हर्षिल घाटी और मुखबा गांव की शांत वादियां: गंगोत्री धाम की यात्रा के दौरान उत्तरकाशी से आगे बढ़ते हुए हर्षिल घाटी एक ऐसा पड़ाव है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. यहां तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है और यह स्थान सेब के बागानों, देवदार के जंगलों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है.

हर्षिल से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित मुखबा गांव तक स्थानीय वाहन या पैदल पहुंचा जा सकता है, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थान माना जाता है. इसके अलावा गंगोत्री से गौमुख और तपोवन तक ट्रेकिंग मार्ग श्रद्धालुओं और एडवेंचर प्रेमियों के लिए खास आकर्षण है, जहां जाने के लिए प्रशासन से अनुमति आवश्यक होती है. वहीं उत्तरकाशी से रैथल गांव तक सड़क मार्ग और वहां से ट्रेक के जरिए दयारा बुग्याल पहुंचा जा सकता है, जो हिमालयी दृश्यों के लिए बेहद लोकप्रिय है.

केदारनाथ क्षेत्र त्रियुगीनारायण वासुकी ताल और चोपता का आकर्षण: केदारनाथ धाम की यात्रा गौरीकुंड तक सड़क मार्ग और वहां से 16 से 18 किलोमीटर के ट्रेक या हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से पूरी की जाती है. इस धाम के आसपास कई ऐसे स्थल हैं, जो धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से बेहद खास हैं.

ETV Bharat
चारधाम के आसपास कई रोमांचक ट्रेकिंग रूट है. (ETV Bharat)
सोनप्रयाग से सड़क मार्ग द्वारा त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंचा जा सकता है, जहां भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. केदारनाथ से लगभग 8 किलोमीटर के ट्रेक के बाद वासुकी ताल पहुंचा जा सकता है, जो अपनी दिव्य सुंदरता के लिए जाना जाता है. इसके अलावा गुप्तकाशी और उखीमठ सड़क मार्ग से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जहां सर्दियों में केदारनाथ की पूजा होती है. वहीं उखीमठ या रुद्रप्रयाग से सड़क मार्ग द्वारा चोपता पहुंचकर 3.5 किलोमीटर के ट्रेक से तुंगनाथ मंदिर और आगे चंद्रशिला तक पहुंचा जा सकता है.

बदरीनाथ क्षेत्र माना गांव, सतोपंथ ताल और औली का रोमांच: बदरीनाथ धाम तक सड़क मार्ग से सीधी पहुंच संभव है. बदरीनाथ धाम के आसपास कई महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं. बदरीनाथ से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित माणा गांव तक पैदल या टैक्सी से पहुंचा जा सकता है, जिसे भारत का अंतिम गांव कहा जाता है.

यहां भीम पुल, व्यास गुफा और सरस्वती नदी का उद्गम प्रमुख आकर्षण हैं. माणा गांव से करीब 18 से 20 किलोमीटर के ट्रेक के बाद सतोपंथ ताल पहुंचा जा सकता है, जो आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. इसके अलावा जोशीमठ तक सड़क मार्ग से पहुंचकर वहां से रोपवे या सड़क मार्ग द्वारा औली जाया जा सकता है, जहां से हिमालय की बर्फीली चोटियों का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है.

प्राकृतिक और एडवेंचर डेस्टिनेशन, फूलों की घाटी: चारधाम यात्रा के दौरान प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए कई विकल्प मौजूद हैं. इनमें से एक है फूलों की घाटी. फूलों की घाटी यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल है. फूलों की घाटी बदरीनाथ हाईवे पर पड़ती है.

फूलों की घाटी जाने के लिए आपको बदरीनाथ धाम से पहले गोविंदघाट तक तक जाना होता है. गोविंदघाट तक गाड़ियों जाती है. इसके बाद गोविंदघाट से 13 किलोमीटर के ट्रेक कर घांघरिया पहुंचा जाता है. घांघरिया से करीब चार किमी पैदल चलने के बाद फूलों की घाटी पहुंचा जा सकता है, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है. घांघरिया से 6 किलोमीटर की चढ़ाई हेमकुंड साहिब तक ले जाती है.

पंच प्रयाग: चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित पंच प्रयाग देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग और विष्णुप्रयाग श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं. ये सभी संगम स्थल सड़क मार्ग से जुड़े हुए हैं और ऋषिकेश से बदरीनाथ या केदारनाथ की यात्रा के दौरान आसानी से देखे जा सकते हैं. सभी प्रयाग का अपना धार्मिक महत्व है और यहां पहुंचकर श्रद्धालु पवित्र नदियों के संगम का दर्शन कर सकते हैं.

यात्रा से पहले जरूरी तैयारी और सावधानियां: चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है, जिसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पूरा किया जा सकता है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलता है और ऑक्सीजन की कमी भी महसूस हो सकती है. इसलिए आवश्यक दवाइयां गर्म कपड़े और रेनकोट साथ रखना जरूरी है. यात्रा के दौरान स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण का सम्मान करना भी बेहद आवश्यक है, ताकि देवभूमि की सुंदरता बनी रहे.

Tags: चारधाम यात्रा

Continue Reading

Previous: गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा CM साय का आत्मीय रूप
Next: 15 गांव के ग्रामीण प्रदूषित पानी पीने को मजबूर

Related Stories

चावल पकाते समय पानी में नींबू का रस मिलाने से चावल ज्यादा खिले-खिले, सफेद और स्वादिष्ट बनते हैं
  • life style

चावल पकाते समय पानी में नींबू का रस मिलाने से चावल ज्यादा खिले-खिले, सफेद और स्वादिष्ट बनते हैं

May 2, 2026
घर में जरूर उगाएं ये पौधे, 4-5 पत्तियां और खाने का स्वाद हो जाएगा दोगुना
  • life style

घर में जरूर उगाएं ये पौधे, 4-5 पत्तियां और खाने का स्वाद हो जाएगा दोगुना

January 18, 2026
बच्चे 13 साल के बाद अचानक जिद्दी क्यों होने लगते हैं?
  • life style

बच्चे 13 साल के बाद अचानक जिद्दी क्यों होने लगते हैं?

November 30, 2025

Recent Posts

  • 15 गांव के ग्रामीण प्रदूषित पानी पीने को मजबूर
  • चारधाम यात्रा के इन रास्तों में छुपी इन जगहों को न करें मिस, कम बजट में एक्सप्लोर करें जन्नत!
  • गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा CM साय का आत्मीय रूप
  • कवर्धा में भोरमदेव जंगल सफारी का आगाज, डिप्टी सीएम और वन मंत्री ने किया उद्घाटन
  • हजारीबाग में लगेगा शतरंज का महाकुंभ, देश भर से 800 से अधिक खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

Categories

  • adhytma
  • education
  • Feature
  • health
  • krishi
  • lekh
  • life style
  • loksabha chunaw
  • mousam
  • odisha
  • popular
  • sampadikiy
  • science
  • Trending
  • Uncategorized
  • vastu
  • weather
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • व्यापार

You may have missed

15 गांव के ग्रामीण प्रदूषित पानी पीने को मजबूर
  • Uncategorized

15 गांव के ग्रामीण प्रदूषित पानी पीने को मजबूर

May 4, 2026
चारधाम यात्रा के इन रास्तों में छुपी इन जगहों को न करें मिस, कम बजट में एक्सप्लोर करें जन्नत!
  • life style

चारधाम यात्रा के इन रास्तों में छुपी इन जगहों को न करें मिस, कम बजट में एक्सप्लोर करें जन्नत!

May 4, 2026
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा CM साय का आत्मीय रूप
  • छत्तीसगढ़

गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा CM साय का आत्मीय रूप

May 3, 2026
कवर्धा में भोरमदेव जंगल सफारी का आगाज, डिप्टी सीएम और वन मंत्री ने किया उद्घाटन
  • छत्तीसगढ़

कवर्धा में भोरमदेव जंगल सफारी का आगाज, डिप्टी सीएम और वन मंत्री ने किया उद्घाटन

May 3, 2026

ओनर: स्नेहलता पटेल
7566699181

एडिटर: ललित यादव
7693947100

Address: K-13, Moti Nagar, In front of Sharda petrol pump, beside Neha medical, Raipur, Chhattisgarh 492001.
Mobile No.: 7693947100
Email: nkcnewscg@gmail.com

  • 15 गांव के ग्रामीण प्रदूषित पानी पीने को मजबूर
  • चारधाम यात्रा के इन रास्तों में छुपी इन जगहों को न करें मिस, कम बजट में एक्सप्लोर करें जन्नत!
  • गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा CM साय का आत्मीय रूप
  • कवर्धा में भोरमदेव जंगल सफारी का आगाज, डिप्टी सीएम और वन मंत्री ने किया उद्घाटन
  • हजारीबाग में लगेगा शतरंज का महाकुंभ, देश भर से 800 से अधिक खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • व्यापार
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | DarkNews by AF themes.