भारतीय छात्रों की पहली पसंद बना अमरीका, लगातार तीसरी साल अमरीका बना पहली पसंद

विदेश जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना भारतीयों के लिए सपना होता है. लाखों भारतीय यूरोप और अमरीका सहित पूरी दुनिया में शिक्षा हासिल करने गए. इनमें से कई वहीं बसकर अपना भविष्य बनाने में जुट जाते हैं. यही वजह है कि आज गूगल-माइक्रोसॉफ्ट सहित दुनिया की तमाम दिग्गज कंपनियों की कमान भारतीय लोगों के हाथ में है. इस साल विदेश जाकर पढ़ाई करने वालों की पहली पसंद अमरीका बना है. यह लगातार तीसरा साल है, जब भारतीय छात्रों को अमरीका जाकर पढ़ने का विकल्प सबसे ज्यादा अच्छा लगा. यही वजह है कि अमरीका में पढ़ रहे कुल 10 लाख विदेशी छात्रों में 25 फीसद इंडियन हैं.
अमरीकी दूतावास द्वारा इंटरनेशनल एजुकेशन वीक की शुरुआत पर जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, उच्च शिक्षा के लिए इंडियन स्टूडेंट की पहली पसंद यूएसए है. भारतीय स्टूडेंट्स का यह रुझान लगातार तीन साल से बना हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमरीका में इंडिया से जाने वाले छात्रों की संख्या लगभग 35 फीसद बढ़ गई है. साल 2022-23 में यह संख्या 2.68 लाख स्टूडेंट्स से भी ज्यादा हो चुकी है. अमरीका में कुल विदेशी छात्रों में भारतीयों की संख्या 25 फीसद है. यानि कि देश में हर चौथा विदेशी स्टूडेंट अब इंडियन है.
चीन को छोड़ा पीछे
भारतीय छात्रों ने अमरीका में चीन के स्टूडेंट्स को पीछे छोड़ दिया है. अमरीका में ग्रेजुएशन कर रहे भारतीय छात्रों की संख्या 2009-10 के मुकाबले 63 फीसद बढ़कर 1.65 लाख से भी ज्यादा हो चुकी है. यह आंकड़ा चीन के छात्रों से ज्यादा है. पिछले साल अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट्स की संख्या 16 फीसद बढ़ी. साथ ही ऑप्टिकल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) लेने वाले भारतीयों की संख्या भी सबसे ज्यादा 69062 हो चुकी है. OPT एक तरह की आंशिक वर्क परमीशन होती है.
रिकॉर्ड नंबर में वीजा जारी हुए
अमरीकी दूतावास और काउंसलेट ने जून-अगस्त 2023 के दौरान सभी श्रेणियों में 95269 भारतीय छात्रों को वीजा जारी किए. यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है. इसमें 2022 के मुकाबले 18 फीसद का उछाल आया है. भारत में अमरीकी राजदूत एरिक गारसेटी ने इसके लिए भारतीय छात्रों और उनके परिजनों को धन्यवाद दिया.

